24.9 C
Dehradun
Thursday, June 11, 2026


spot_img

नवरात्रि का छठा दिन आज…मां कात्यायनी की आराधना से नष्ट होते हैं भक्तों के रोग, शोक, संताप और भय

नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। कात्य गोत्र में महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की। महर्षि की इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। तब मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसलिए यह देवी कात्यायनी कहलाईं।

देवी कात्यायनी को नवरात्रि में छठे दिन पूजा जाता है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों के रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं।

मां कात्यायनी का गुण शोध कार्य है। इसीलिए इस वैज्ञानिक युग में कात्यायनी का महत्व और भी बढ़ जाता है। इनकी कृपा से ही सारे कार्य पूरे हो जाते हैं। कहते हैं भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने कात्यायनी की ही पूजा की थी। ये पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी। इसीलिए ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है।

मां कात्यायनी की चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है और नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मां के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है।

मां दुर्गा के इस स्वरूप की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है। इसलिए कहा जाता है कि इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने देहरादून में एसआईआर कार्यों की विधानसभावार समीक्षा की, 18...

0
देहरादून।  अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनपद देहरादून के निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर...

राष्ट्रपति आगमन से पहले विभागों से मांगा क्लिेयरेंस सर्टीफिकेट

0
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राष्ट्रपति के...

हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण और आपदा प्रबंधन पर विशेष नीति...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में राज्य के विकास...

आपदा जोखिम न्यूनीकरण, अर्ली वार्निंग सिस्टम, बाढ़ प्रबंधन एवं तकनीकी नवाचारों पर मंथन

0
देहरादून। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम), गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) के संयुक्त तत्वावधान में मानसून पूर्व तैयारियों...

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की सबसे महत्‍वपूर्ण सफलताओं में...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा है कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश की यात्रा विश्व की...