देहरादून। उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली की कुटुंब न्यायालय, समिति के सहयोग से उच्च न्यायालय उत्तराखंड, नैनीताल द्वारा 6 अप्रैल एवं 7 अप्रैल को होटल हयात सेंट्रिक, राजपुर रोड, देहरादून में परिवार न्यायालय संबंधी मामलों पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें उत्तरी क्षेत्र के उच्च न्यायालय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय, जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायामूर्तिगण तथा उक्त उच्च न्यायालयों के कुटुंब न्यायालयों के न्यायाधीशगण ,अधिवक्तागण, मध्यस्थगण एवं काउंसलर द्वारा प्रतिभाग किया गया।
उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय उच्चतम न्यायालय के कुटुम्ब न्यायालय समिति की अध्यक्ष न्यायमूर्ति हिमा कोहली द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया ,उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रितु बाहरी द्वारा सभी उपस्थित प्रतिभागियों एवं गणमान्य जन का स्वागत किया गया, तत्पश्चात् भारत में कुटुंब विधिरू भूत से भविष्य की ओर, मध्यस्थगण तथा काउंसलर की कुटुंब न्यायालय में भूमिका, कुटुंब न्यायालय की आधारभूत संरचना, विवाह विच्छेद करने वाले दमपंती के बच्चों की संरक्षकता, कुटुंब न्यायालय में मामलों का विचारणरूभविष्य का रास्ता आदि विषयों पर विभिन्न सत्रों में परिचर्चा की गई, इस कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय पर ई- कंपेडियन का अनावरण किया गया,जो कि माननीय उच्चतम न्यायालय की कुटुंब न्यायालय समिति द्वारा तैयार किया गया था।
कांफ्रेंस के अंतिम सत्र में माननीय उच्चतम न्यायालय की न्यायमूर्ति बी०वी० नागरत्ना भी उपस्थित रही, उनके द्वारा विस्तारपूर्वक परिवार न्यायालय संबंधी मामलों पर विचार रखे तथा कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण ,मध्यस्थगन तथा काउंसलर्स की भूमिका कुटुंबध्परिवार संबंधी मामलों में भूमिका के बारे में तथा परिवार की संस्था को चलाने में पति एवम पत्नी की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी, इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखंड, नैनीताल की मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी, जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख के मुख्य न्यायाधीश एन0 कोटेश्वर सिंह , इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली, उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल के वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविंद्र मैथानी, न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, विवेक भारती शर्मा आदि भी उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों तथा प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
देहरादून में परिवार न्यायालय संबंधी मामलों पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
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