25.9 C
Dehradun
Wednesday, July 8, 2026


spot_img

UIDAI ने एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों का आधार बायोमीट्रिक अपडेट किया

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) ने देशभर के 83 हजार स्कूलों में एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों का अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट (एमबीयू) कर बड़ी कामयाबी हासिल की है।
पांच वर्ष से कम आयु का बच्चा आधार के लिए फोटो, नाम, जन्म तिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र देकर पंजीकरण करा सकता है, लेकिन पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए आधार पंजीकरण के लिए अंगूठे के निशान और आइरिस बायोमीट्रिक नहीं लिए जाते हैं क्योंकि ये संकेतक तब तक परिपक्व नहीं होते हैं। इसलिए पांच से 15 वर्ष की आयु में एमबीयू के तहत अंगूठे के निशान और आइरिस अपडेट कराना अनिवार्य है।
एमबीयू न कराने पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने और प्रतियोगी व विश्वविद्यालय परीक्षाओं में पंजीकरण के दौरान कठिनाइयां आ सकती हैं। यूआइडीएआइ ने सात से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक अक्टूबर से एक वर्ष की अवधि के लिए एमबीयू को नि:शुल्क कर दिया है। इसके साथ ही पांच से सात वर्ष और 15-17 वर्ष के बच्चों द्वारा एमबीयू सेवा नि:शुल्क बनी रहेगी।
बयान में कहा गया है, यूआइडीएआइ ने ने देशभर के 83 हजार स्कूलों में पढ़ने वाले एक करोड़ से अधिक बच्चों के एमबीयू पूरे करने का मील का पत्थर पार कर लिया है। यूआइडीएआइ ने सितंबर 2025 में स्कूली छात्रों के लिए विशेष एमबीयू अभियान शुरू किया था।
यह अभियान यूनिफाइड डिस्टि्रक्ट इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन प्लस (यूडीआइएसई+) एप के साथ सफल तकनीकी एकीकरण के बाद शुरू किया गया था, जिससे स्कूलों में बच्चों के एमबीयू की स्थिति को देखना संभव हुआ था।
इस सफलता ने यूआइडीएआइ और स्कूलों को संयुक्त रूप से उन बच्चों की पहचान करने में मदद की, जिनका एमबीयू होना बाकी था और एमबीयू पूरा करने के लिए स्कूलों में शिविर आयोजित किए गए। मिशन मोड में मात्र पांच महीनों में 83 हजार स्कूलों में एमबीयू शिविर आयोजित किए गए।
यूआइडीएआइ के सीईओ भुवनेश कुमार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर यूआइडीएआइ की इस कदम से अवगत कराया और विद्यालयों में एमबीयू शिविर आयोजित करने में उनके सहयोग का अनुरोध किया। बयान में कहा गया, यह अभियान तब तक चलेगा जब तक देश के सभी स्कूलों को कवर नहीं किया जाता।
इस पहल से अब तक 83,000 विद्यालयों के एक करोड़ बच्चे लाभान्वित हुए और कई और भी बच्चों को इससे लाभान्वित होने की आशा है। स्कूलों में आयोजित कैंप के अलावा, बच्चे देशभर में चल रहे किसी भी आधार पंजीकरण केंद्र और आधार सेवा केंद्रों पर भी अपना एमबीयू पूरा कर सकते हैं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

इथेनॉल मिश्रण वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित, इससे देश को आर्थिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में...

0
नई दिल्ली।  सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पहल है, जिससे देश...

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय विमुक्त और घुमंतू जनजातियों के लिए शुरू कर रहा...

0
नई दिल्ली। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए...

वैश्विक विकास को गति देने में भारतीय अर्थव्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण: प्रधानमंत्री मोदी

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वैश्विक विकास को गति देने में भारतीय अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इंडोनेशिया के...

उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास आवश्यकताओं के प्रति केंद्र सरकार प्रतिबद्ध

0
देहरादून। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास, पुनर्निर्माण तथा...

वात्सल्य योजना के तहत 4 करोड़ 39 लाख खातों में ट्रांसफर

0
देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 4 करोड़ 39 लाख रुपए से ज्यादा...