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Friday, July 31, 2026


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यूक्रेन ने रूस पर किए 361 ड्रोन हमले, सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में से एक में लगी भीषण आग

मॉस्को। यूक्रेन ने शनिवार रात रूस पर बड़ा ड्रोन हमला किया। हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि खुद रूस ने यूक्रेन के 361 ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इन हमलों में रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक में आग लग गई। रूस के उत्तर-पश्चिमी लेनिनग्राद क्षेत्र में स्थित किरिशी रिफाइनरी पर शनिवार रात हुए हमले से हफ्तों पहले भी यूक्रेन ने रूसी तेल अवसंरचना को निशाना बनाया था।
किरिशी रिफाइनरी उत्पादन के मामले में रूस की तीन शीर्ष रिफाइनरियों में से एक है। वह हर वर्ष लगभग 1.77 करोड़ मीट्रिक टन, यानी प्रतिदिन 3.55 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है। यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, घटनास्थल पर विस्फोट व आग लगने की सूचना मिली है। उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें रात के समय आसमान में आग की ऊंची लपटें व धुएं का गुबार दिखाई देता है। यूक्रेन ड्रोन कमान ने हमले की पुष्टि कतरे हुए इसे सफल बताया।
क्षेत्रीय गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज्डेंको ने बताया कि किरिशी इलाके में रात भर में तीन ड्रोन गिराए गए, जिसके गिरते मलबे से रिफाइनरी में आग लग गई। कोई हताहत नहीं हुआ और आग बुझा दी गई। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वायु रक्षा प्रणालियों ने यूक्रेन के कम से कम 361 ड्रोन मार गिराए। इनमें चार निर्देशित हवाई बम व एक अमेरिकी निर्मित एचआईएमएआरएस मिसाइल शामिल थी। उधर, चीफ ऑफ जनरल स्टाफ एंड्री हनातोव के हवाले से कहा गया कि यूक्रेन जानबूझकर रूसी ड्रोन हमलों के दौरान मोबाइल संचार की गुणवत्ता को कम कर सकता है, ताकि हमलों के समन्वय के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नेटवर्क को रोका जा सके।
रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक बना हुआ है, लेकिन मांग में वृद्धि व यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण हाल के हफ्तों में गैसोलीन की कमी हो गई है। देश के कुछ क्षेत्रों में ईंधन स्टेशनों पर तेल की कमी हो गई है और वाहन चालकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। इस कमी को कम करने के प्रयास के तौर पर रूस ने गैसोलीन के निर्यात पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने 30 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध व 31 अक्तूबर तक व्यापारियों व बिचौलियों को प्रभावित करने वाले आंशिक प्रतिबंध की बुधवार को घोषणा की।
यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को लेकर रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक का समर्थन कर रहे दो अमेरिकी सांसदों ने शनिवार को कहा कि वे इस हफ्ते अपने साथी सांसदों से आग्रह करेंगे कि वे अपने विधेयक को संघीय सरकार को चालू रखने के लिए जरूरी विधेयक से जोड़ें। रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम व प्रतिनिधिसभा सदस्य ब्रायन फिट्जपैट्रिक महीनों से एक विधेयक का समर्थन कर रहे हैं, जिसके तहत अगर मॉस्को यूक्रेन के साथ शांति समझौते पर बातचीत करने से इन्कार करता है, तो उस पर ये प्रतिबंध लगाए जाएंगे। इन प्रतिबंधों में रूसी तेल खरीदने के लिए भारत और चीन पर अतिरिक्त प्रतिबंध शामिल हैं। रूस ने शक्ति प्रदर्शन के तौर पर हाइपरसोनिक मिसाइल दागी है। मॉस्को ने कहा कि उसने बेरेंट्स सागर में एक लक्ष्य पर जिरकोन (त्सिरकोन) हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल दागी। इसके अलावा सुकोई एसयू-34 सुपरसोनिक लड़ाकू-बमवर्षकों ने बेलारूस के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में हमले किए।

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