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Thursday, July 18, 2024

ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के 10 संगठन 27 जुलाई से करेंगे हड़ताल | Postmanindia

विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के विभिन्न घटक संघों की बीते 24 जुलाई को यमुना कॉलोनी देहरादून स्थित हाइड्रोइलेक्ट्रिक एंप्लाइज यूनियन के कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया. सभा में सभा की अध्यक्षता प्रदीप कंसल तथा संचालन मोर्चा के संयोजक इंसारूल हक के द्वारा किया गया. सभाओं में वक्ताओं ने सभा में वक्ताओं ने शासन व प्रबन्धन के नकारात्मक रवैये पर घोर आक्रोश प्रकट किया कि लगातार कई वर्ष से संघर्ष करने के बाद भी कर्मचारियों की 9 वर्ष 14 वर्ष 19 वर्ष की एसीपी की व्यवस्था पर कोई आदेश जारी नहीं हुए संविदा कार्मिकों के नियमितिकरण व समान कार्य समान वेतन के विषय में कोई कार्यवाही नहीं हुई इसके अतिरिक्त ऊर्जा निगमों में इंसेंटिव एलाउंसेस का रिवीजन और अनेकों समस्याएं अभी तक लंबित हैं जिस वजह से मोर्चा अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रमानुसार दिनांक 27 की प्रथम पाली अर्थात 26 की मध्यरात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य है. मोर्चा के संयोजक ने शासन से अपील की कि तत्काल कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए अन्यथा की स्थिति में 27 जुलाई की प्रथम पाली से तीनों ऊर्जा निगम में संपूर्ण हड़ताल होनी तय है .

गौरतलब है कि ऊर्जा निगम के कार्मिक पिछले 4 सालों से एसीपी की पुरानी व्यवस्था तथा उपनल के माध्यम से कार्य कार्योजित संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण एवं समान कार्य हेतु समान वेतन को लेकर लगातार शासन प्रशासन से वार्ता कर रहे हैं व वर्ष 2017 में ऊर्जा निगम के कार्मिक आंदोलनरत थे तब 22 दिसंबर 2017 को कार्मिकों के संगठनों तथा सरकार के बीच द्विपक्षीय समझौता हुआ परंतु आज तक उस समझौते पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ऊर्जा निगम के कार्मिक इस बात से क्षुब्ध हैं कि सातवें वेतन आयोग में उनकी पुरानी चली आ रही 9-5-5 की की एसीपी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जो कि उन्हें उत्तर प्रदेश के समय से ही मिल रही थी यही नहीं पे मैट्रिक्स में भी काफी छेड़खानी की गई .

इससे पूर्व कार्मिक संघटनो ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड  के आश्वासन तथा कोविड के कारण जनहित को देखते हुए दिनांक 27 मई, 2021 की अपनी हड़ताल स्थगित कर चुके हैं. इसी क्रम में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों द्वारा लगातार ज्ञापन एवं पत्र के द्वारा शासन और प्रबंधन से अपील की जाती रही है किंतु कोई भी कार्यवाही नहीं होने के कारण आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है. मोर्चे द्वारा सभी घटक संगठनों/एसोसिएशनों से अपील की गई है कि वे सभी अपने अपने सदस्यों को, चाहे नियमित हो उपनल संविदा हो या स्वंय सहायता समूह के कर्मचारी हों इस हड़ताल कार्यक्रम को सफल बनाने में शतप्रतिशत भागीदारी दें. इs दौरान सभा में  जगदीश चंद्र पंत, डीसी ध्यानी, प्रदीप कंसल, विनोद कवि, कार्तिकेय दुबे, आनंद सिंह रावत, दीपक बेनीवाल, अमित रंजन, भानु प्रकाश जोशी, गौविन्द प्रसाद नौटियाल, प्रमोद नरेंद्र नेगी, नीरज तिवारी, प्रदीप प्रकाश शर्मा, सोहनलाल शर्मा  आदि उपस्थित रहे.

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