38.2 C
Dehradun
Monday, May 25, 2026


spot_img

PM मोदी शनिवार को नीति आयोग की शासी परिषद बैठक की अध्यक्षता करेंगे, कई मुख्यमंत्री होंगे शामिल

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की शासी परिषद की नौवीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें विकसित भारत से जुड़े दृष्टिकोण पत्र पर चर्चा होगी। शुक्रवार को आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी।
नीति आयोग की शीर्ष संस्था शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उप राज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। प्रधानमंत्री नीति आयोग के चेयरमैन हैं। बयान के मुताबिक, इस बैठक का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहभागी संचालन तथा सहयोग को बढ़ावा देना, वितरण तंत्र को मजबूत करके ग्रामीण और शहरी दोनों आबादी के लिए जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है।
बयान में कहा गया, ‘‘शनिवार 27 जुलाई 2024 को होने वाली शासी परिषद की बैठक में ‘विकसित भारत @2047’ पर ‘दृष्टिकोण दस्तावेज’ के लिए अवधारणा पत्र पर चर्चा की जाएगी…बैठक में विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में राज्यों की भूमिका पर भी विस्तृत विचार-विमर्श होगा।’’
बैठक में पिछले साल दिसंबर में आयोजित मुख्य सचिवों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी गौर किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान पांच प्रमुख विषयों पेयजल: पहुंच, मात्रा तथा गुणवत्ता; बिजली: गुणवत्ता, दक्षता तथा विश्वसनीयता; स्वास्थ्य: पहुंच, सामर्थ्य तथा देखभाल की गुणवत्ता; स्कूली शिक्षा: पहुंच तथा गुणवत्ता तथा भूमि और संपत्ति: पहुंच, डिजिटलीकरण, पंजीकरण तथा उत्परिवर्तन पर सिफारिशें की गईं थीं।
भारत को अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक 30,000 अरब डॉलर की विकसित अर्थव्यवस्था बनने में मदद करने के लिए एक ‘दृष्टिकोण दस्तावेज’ तैयार किया जा रहा है। नीति आयोग को 2023 में 10 क्षेत्रीय विषय पर दृष्टिकोणों को समेकित कर ‘विकसित भारत एट 2047’ के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण तैयार करने का कार्य सौंपा गया था। इस बीच, कांग्रेस-शासित तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों कर्नाटक के सिद्धरमैया, हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी ने घोषणा की है कि वे केंद्रीय बजट में अपने राज्यों के प्रति कथित पक्षपात के कारण नीति आयोग की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक नेता एम के स्टालिन, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के साथ-साथ आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब और दिल्ली सरकारों ने भी बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की है। हालांकि विपक्षी गठबंधन के साथियों के उलट पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। बनर्जी ने कहा कि इन नेताओं की आवाज को एक साझा मंच पर उठाया जाना चाहिए। इसके साथ ही बनर्जी ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सरकारी शोध संस्थान के तौर पर गठित नीति आयोग को खत्म कर पूर्ववर्ती योजना आयोग को फिर से बहाल किया जाना चाहिए। इस बीच, बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने विपक्षी दलों के नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने के निर्णय का समर्थन किया है और केंद्र पर राज्यों को बजट में उनका हिस्सा देने से इनकार करने का आरोप लगाया है।

 

spot_img

Related Articles

Latest Articles

विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर और अमरीकी विदेश मंत्री ने व्यापार, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा...

0
नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रमण्यम जयशंकर और अमरीका के विदेश मंत्री मार्काे रूबियो ने आज नई दिल्ली में कई मुद्दों पर चर्चा की।...

देश के मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में भीषण लू, सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त

0
नई दिल्ली। देश के मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्सों में भीषण लू के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और तापमान औसत से काफी...

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, यूसीसी से किसी भी आदिवासी समुदाय के अधिकारों...

0
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने विशेष प्रावधान करके सभी आदिवासी समुदायों को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से...

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने ली आगामी एसआईआर को लेकर समीक्षा बैठक

0
-प्रदेश के मतदाताओं से एसआईआर में बीएलओ से सहयोग करने की अपील देहरादून। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उत्तराखण्ड दौरे के दूसरे...

हिमालयी क्षेत्र कंचनगंगा में टूटा ग्लेशियर, नुकसान की कोई सूचना नहीं

0
चमोली। रविवार सुबह उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। बदरीनाथ धाम के निकट कंचनगंगा क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने...