25.8 C
Dehradun
Thursday, August 13, 2026


spot_img

उत्तराखंड: कोर्ट का सरकार को निर्देश, 6 माह में भरें वन विभाग में खाले पड़े 65 फीसदी पद

नैनीताल: नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह माह में वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों को मजबूत करें और वर्षभर जंगलों की निगरानी करवाएं।

दरअसल न्यायालय ने वनों में आग के मसले का स्वत: संज्ञान लिया था। इस मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर कहा था कि वन विभाग में खाली पड़े फॉरेस्ट गार्ड के पदों पर शैक्षणिक योग्यता घटाकर हाईस्कूल कर दी गई है ताकि पदों को भरा जा सके। दो हजार पदों पर भर्ती प्रकिया जारी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से चार सितंबर तक विस्तृत जवाब पेश करने के लिए कहा है।

आपको बता दें कि कोर्ट ने 2018 में इन द मैटर ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ फॉरेस्ट एरिया, फॉरेस्ट हेल्थ एंड वाइल्ड लाइफ से संबंधित मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वत: संज्ञान में लिया था।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सरकार विद्यार्थियों के मुद्दे सहित किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह...

0
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों के मुद्दे सहित किसी भी विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार...

लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा

0
नई दिल्ली। लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति को भेज दिया। इस विधेयक का उद्देश्य...

संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 किया पारित

0
नई दिल्ली। संसद ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा ने आज इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा...

राज्य संपत्तियों के विकास को रफ्तार, टिहरी हाउस में 28 आवास, नवी मुंबई के...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में प्रदेश की सरकारी संपत्तियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने...

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की, कार्यों को निर्धारित समयसीमा...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव तथा आगामी...