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Tuesday, August 11, 2026


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उत्तराखंड : बैंक में लोगों को कागज की गड्डी थमाकर उड़ा ले जाते थे रुपये, ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे

ऋषिकेश: ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये शातिर ठग बैंक में लोगों को बातों में उलझाकर रुमाल के अंदर कागज की गड्डी देकर ठगी करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से कागज की 02 गड्डी और 22 हजार रुपए, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और बैंक स्टेटमेंट बरामद हुए हैं। जानकारी मिली है कि अभियुक्त शिवकुमार पूर्व में भी कोतवाली ऋषिकेश से इसी प्रकार के अपराध में जेल जा चुका है।

दरअसल कोतवाली ऋषिकेश में बनखंड़ी निवासी शिकायतकर्ता शिवा पुत्र स्वर्गीय वीरेंद्र ठाकुर ने पुलिस को बताया कि 20 नवंबर को वो बैंक में पैसा जमा करवाने गए थे। बैकं में अज्ञातों द्वारा उन्हें बातों में उलझा कर रुमाल के अंदर कागज की गड्डी थमा दी और उनके 30 हजार रूपये लेकर धोखाधड़ी से फरार हो गए। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया औऱ आरोपियों की तलाश में जुट गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत टीम गठित कर आऱोपियों की धड़पकड़ के निर्देश दिए। कोतवाली ऋषिकेश प्रभारी निरीक्षक द्वारा कोतवाली ऋषिकेश और एसओजी देहात की संयुक्त पुलिस टीम बनाकर आऱोपियों की तलाश शुरु की गई।

पुलिस टीम ने बैंक के अंदर औऱ बाहर के साथ ही आने जाने वाले रास्तों पर लगे लगभग 35 सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से जांचा। जेल से छूटे ऐसे अपराधों में संलिप्त 12 पुराने संदिग्ध अभियुक्तों से पूछताछ कर जानकाली ली। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत जगह-जगह पर चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी के मद्देनदर बीते दिन शाम को मुखबिर की सूचना पर बैंक में ठगी करने वाले 3 शातिरों को गोपाल नगर निकट बस अड्डा के पीछे ग्राउंड के पास से पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2 गड्डी औऱ 22 हजार रुपये, वादी का आधार कार्ड, एटीएम कार्ड व बैंक स्टेटमेंट बरमाद हुआ।

पूछताछ में तीनों आऱोपियों ने खुलासा किया कि वो सभी बैंक के अंदर ऐसे व्यक्ति का चयन करते हैं जोकि छोटा लड़का या बुजुर्ग हो। उसके बाद वो उसे लालच देते हैं कि हम कहीं से पैसा चोरी करके लाए हैं। यदि वह हमें अपने खुले हुए पैसे दे दे तो हम उसे बंधे हुए कुछ एक्स्ट्रा पैसे दे सकते हैं। कभी-कभी हम खुले पैसे लेकर बंधे हुए पैसे देने का बहाना बना कर भी कागज की गड्डी थमा कर वहां से निकल जाते हैं।बताया कि पहले से कागज की 2-3 गड्डी को रुमाल में बांध कर रखते हैं, और उसके ऊपर एक नोट असली वाला लगा देते थे। जिससे सामने वाले को यकीन हो जाए कि यह पैसों की गड्डी है। अगर हमें बैंक में कोई एटीएम कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड आदि मिलता है, तो हम उसे अपने पास रख लेते हैं। जिससे बैंक के गार्ड या पुलिस चेकिंग के दौरान स्वयं को लोकल का व्यक्ति सिद्ध कर सके और किसी को हम पर कोई शक ना हो। जानकारी मिली है कि आरोपी शिवकुमार पूर्व में भी कोतवाली ऋषिकेश से इसी प्रकार की ठगी के अपराध में जेल जा चुका है। उत्तराखंड व सरहदी जनपदों से भी उपरोक्त अभियुक्तो के अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। तीनों अभियुक्तों को समय से माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

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