31.1 C
Dehradun
Wednesday, June 10, 2026


spot_img

भू क़ानून को लेकर उत्तराखंड के युवाओं का आवाहन, सोशल मीडिया पर उठी बड़ी माँग |Postmanindia

उत्तराखंड में भू कानून को लेकर ट्विटर पर अभियान तेज हो गया है. बीते 2 दिन से #उत्तराखंडमांगेभू_कानून अभियान ट्रेनिंग में चल रहा है. इस अभियान में उत्तराखंड के युवाओं समेत तमाम हस्तियां शामिल हो रही हैं. उत्तराखंड और पहाड़ से नाता रखने वाले युवाओं की मांग है कि उत्तराखंड में भू-कानून अधिनियम जल्द से जल्द लागू किया जा सके,  जिसके बाद अन्य राज्यों के लोग उत्तराखंड में  ज़मीनों को खुर्द बुर्द ना कर सकें. पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे और सोशल मीडिया में रखने वाले चमोली के नयन कोठियाल बताते हैं यह गैर राजनीतिक अभियान लगातार चलता रहेगा.

क्या है उत्तराखंड में अभी कानून

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तराखंड की पहली निर्वाचित तिवारी सरकार  के समय साल 2002 तक अन्य राज्यों के लोगों को उत्तराखंड में सिर्फ 500 वर्ग मीटर तक जमीन खरीदने का अधिकार था.  बाद में खंडूरी सरकार ने 2007  में यह सीमा घटाकर 250 वर्गमीटर कर दो थी.  इसके बाद 6 अक्टूबर 2018 को त्रिवेंद्र सरकार ने नया अध्यादेश जारी कर दिया.  इसके मुताबिक “उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम,1950 में संसोधन का विधेयक पारित किया गया और इसमें धारा 143 (क) धारा 154(2) जोड़ी गई. यानी पहाड़ो में भूमिखरीद की अधिकतम सीमा ही समाप्त कर दी गई.

हिमाचल में अभी भी भूमि ख़रीद पर सख़्ती

उत्तराखंड की भोगोलिक परिस्थितियों जैसे पड़ोसी राज्य हिमाचल में साल 1972 में एक सख्त कानून बनाया गया. इस कानून के अंतर्गत बाहर के लोग हिमाचल में जमीन नहीं खरीद सकते. इसके पीछे मंशा ये थी कि कहीं हिमाचल के लोग बाहरी लोगो को अपनी जमीन न बेच दें. जाहिर सी बात थी कि वो भूमिहीन हो जाते. भूमिहीन होने का अर्थ है कि अपनी संस्कृति और सभ्यता को भी खोने का खतरा. दरअसल हिमाचल के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ यसवंत सिंह परमार ये कानून लेकर आ गए थे. लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 में प्रावधान के तहत एक्ट के 11वे अध्याय में control on transfer of lands में धारा -118 के तहत हिमाचल में कृषि भूमि नही खरीदी जा सकती. गैर हिमाचली नागरिक को यहां जमीन खरीदने की इजाजत नही. व्यापारिक उद्देश्य हेतु जमीन किराए पे ली जा सकती थी 2007 में धूमल सरकार ने धारा -118 में संशोधन किया और कहा कि बाहरी राज्य का व्यक्ति, जो हिमाचल में 15 साल से रह रहा है, वो यहां जमीन ले सकता है. इसका बड़ा हुआ और बाद में अगली सरकार ने इसे बढ़ा कर 30 साल कर दिया.

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में नई गाइडलाइन: जिम और कोचिंग संचालकों को बड़ी राहत

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत का निर्यात 12 वर्षों में 468 अरब डॉलर से बढ़कर 863 अरब डॉलर...

0
नई दिल्ली। भारत का निर्यात पिछले 12 वर्षों में 468 अरब डॉलर से बढ़कर 863 अरब डॉलर हो गया है। राजस्‍थान के जयपुर में...

आईएनएसए ने ब्रिक्स विज्ञान अकादमियों के एआई फोरम की पहली बैठक आयोजित की

0
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी-आईएनएसए ने सतत विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस-एआई पर ब्रिक्स विज्ञान अकादमियों के फोरम की पहली बैठक वर्चुअल माध्यम...

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा तैयारियों की...

0
नई दिल्ली। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर 21 जून को होने वाली...

मुख्य सचिव ने नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों को सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के...

0
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने 21...

कैंचीधाम मेले के लिए श्रद्धालुओं के लिए चलेगी विशेष शटल सेवा

0
हल्द्वानी। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम के स्थापना दिवस मेले को लेकर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। 15 जून...