15.2 C
Dehradun
Thursday, February 19, 2026


spot_img

पर्यटकों की आवाजाही के लिए फूलों की घाटी हुई बंद

चमोली। विश्व धरोहर फूलों की घाटी शुक्रवार से पर्यटकों के लिय बंद हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पर्यटकों की संख्या कम रही। विश्व धरोहर फूलों की घाटी पिछले दिनों बर्फ से लकदक रही। विभिन्न प्रजाति के फूलों के लिए प्रसिद्ध इस घाटी में पर्यटकों भी बर्फ का आनंद लेने के लिए पहुंचे थे। शुक्रवार 31 अक्तूबर को फूलों की घाटी पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद कर दी गई। इस वर्ष घाटी में 15934 देशी विदेशी पर्यटक पहुंचे, जिसमें विभाग को 3328050 की आय हुई। जबकि पिछले वर्ष घाटी में 19401पर्यटक पहुंचे थे,जिसमें विभाग को 3940850 की आय हुई थी।
घाटी में अब फूल भी कम हो चुके हैं लेकिन इस बार समय से पहले हुई बर्फबारी से घाटी में चारों तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आई। इससे यहां के प्राकृतिक स्लोप और पहाड़ियां मनमोहक दृश्य बना रहा। स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती का कहना है कि घाटी में इस बार समय से पहले बर्फबारी हुई, जिसके चलते घाटी में पर्यटक बर्फ देखने और उसका आनंद लेने के लिए पहुंचे। वहीं फूलों की घाटी की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि बर्फबारी के बाद घाटी में हर दिन आठ से दस पर्यटक पहुंच रहे थे।
फूलों की घाटी को ‘नंदन कानन’ भी कहा जाता है। यह भ्यूंडार घाटी में पुष्पावती नदी के दूसरे किनारे पर स्थित है। यह घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, अलग-अलग प्रकार के दुर्लभ फूलों और जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां हर साल बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर और साहसिक पर्यटक पहुंचते हैं। यहां खिलने वाले रंग-बिरंगे फूल और ऊंचे पहाड़ों की गोद में स्थित यह घाटी पर्यटकों के लिए अद्वितीय अनुभव का केंद्र बनती है। शीतकाल में घाटी के बंद होने के बाद भी वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए लंबी दूरी की गश्त जारी रहेगी। घाटी में बर्फबारी तक पार्क प्रशासन की रैकी टीम समय-समय पर निरीक्षण के लिए जाएगी।  इन सुरक्षा उपायों के माध्यम से घाटी की जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिलती है। पार्क प्रशासन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक महत्वपूर्ण कदम है। फूलों की घाटी न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी प्रसिद्ध है। यहां खिलने वाले फूलों की लगभग 500 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें ब्रह्मकमल, ब्लू पॉपी और कोबरा लिली जैसी दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं।
प्रकृति प्रेमियों के लिए यह घाटी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां आने वाले पर्यटक कहते हैं कि घाटी का दृश्य उनकी स्मृतियों में हमेशा के लिए बस जाता है। इस साल बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना न केवल पार्क प्रशासन के लिए फायदेमंद रहा। घाटी में पर्यटकों की आवाजाही से स्थानीय व्यापारियों, होटलों, गाइड और यात्रा प्रबंधकों को भी काफी फायदा हुआ है। अब शीतकाल के दौरान घाटी में बर्फबारी होगी और प्रकृति अपने अलग ही रूप में सजकर अगले साल पर्यटकों का स्वागत करेगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

बांग्लादेश में मॉब हिंसा पर सख्ती, BNP ने पेश की कानून-व्यवस्था बहाली के लिए...

0
ढाका:  बांग्लादेश की नई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नेतृत्व वाली सरकार ने देश में बढ़ती मॉब हिंसा, हत्याओं और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को...

भारत ने टी20 विश्व कप में लगातार 12वीं जीत दर्ज की

0
अहमदाबाद: शिवम दुबे की शानदार बल्लेबाजी के बाद वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी के दम पर भारत ने नीदरलैंड को 17 रनों से हराया। गत...

अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका तेज, हफ्तों तक चल सकता है संघर्ष; इस्राइल भी तैयार

0
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े हालिया तनाव के बाद युद्ध की आशंका तेज हो गई है। परमाणु समझौते पर वार्ताओं की विफलता...

भागवत से सीएम योगी की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, करीब 35 मिनट तक...

0
लखनऊ: प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में फेरबदल होने की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के...

सचिव आयुष ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, चिकित्सालयों के सुदृढ़ीकरण और डिजिटलीकरण को...

0
देहरादून। सचिव आयुष रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में आयुष विभाग के महत्वपूर्ण एजेन्डा बिंदुओं पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निदेशक...