नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संघर्ष के 34वें दिन ईरान को दो बड़े झटके लगे हैं। पहला, राजधानी तेहरान को करज शहर से जोड़ने वाले सबसे ऊंचे B1 पुल को हवाई हमले में तबाह कर दिया गया है। दूसरा, ईरान के 106 साल पुराने प्रतिष्ठित पाश्चर इंस्टीट्यूट पर भी हमला हुआ है।
पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। जंग के 34वें दिन हवाई हमलों में पश्चिम एशिया के सबसे ऊंचे पुल को निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान का अपने पड़ोसी शहर करज से संपर्क पूरी तरह कट गया है। स्थानीय मीडिया ने इस भीषण हमले की पुष्टि की है।
इस हमले में दो लोगों की मौत हुई है। ईरानी अधिकारी ने बताया कि कई अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में ले जाया गया है। इस हमले से जुड़ी बिजली, पानी या पर्यावरण संबंधी किसी भी समस्या की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल के अलावा करज शहर के कई अन्य इलाकों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल है।
जिस बी1 ब्रिज को इस हमले में निशाना बनाया गया है, वह ईरान के लिए सिर्फ एक रास्ता भर नहीं था। यह पश्चिमी एशिया के सबसे आधुनिक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में से एक था, जिसे पूरी तरह से ईरानी तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। इस पुल की खासियतें हैरान करने वाली थीं। यह पुल 1,050 मीटर लंबा था और आठ हिस्सों में बंटा था। इसका सबसे लंबा हिस्सा 176 मीटर का था। इसे थामने के लिए 136 मीटर ऊंचा एक विशाल खंभा बनाया गया था। इसे बनाने में करीब 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी-भरकम लागत आई थी। इसी साल की शुरुआत में पुल का उद्घाटन हुआ था। दावा किया गया था कि यह पुल न सिर्फ दो बड़े शहरों को जोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार देगा। लेकिन इस हमले ने ईरान के इस सपने को तगड़ी चोट पहुंचाई है।
पुल के तबाह होने के साथ ही गुरुवार को ईरान के मशहूर ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट’ पर हुए हमले ने भी पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि अमेरिकी-इस्राइली हमलावरों ने ईरान के पाश्चर इंस्टीट्यूट पर हमला किया है।
आपको बता दें कि यह संस्थान ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्वास्थ्य और अनुसंधान केंद्र है। इसकी स्थापना साल 1920 में पेरिस के पाश्चर इंस्टीट्यूट और तत्कालीन ईरानी सरकार के बीच एक खास समझौते के तहत की गई थी।
पश्चिम एशिया संकट: US ने ईरान के सबसे ऊंचे पुल को हवाई हमले में किया तबाह, तेहरान का करज से संपर्क टूटा
Latest Articles
मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...
देवीधुरा में फलों-फूलों से बरसी बग्वाल, ऐतिहासिक पाषाण युद्ध के साक्षी बने लाखों श्रद्धालु
चंपावत/देहरादून। चम्पावत के विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ वाराही धाम देवीधुरा में शुक्रवार को ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। रक्षाबंधन के पावन अवसर...
सरकार ने प्याज़ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज की...
नई दिल्ली। सरकार ने आने वाले महीनों में प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसमी कीमतों को कम करने के लिए बफर स्टॉक...
प्रधानमंत्री मोदी 29 अगस्त को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिन की यात्रा पर...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिन की यात्रा पर रवाना होंगे। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के...
नेपाल में बाढ़ से 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया : विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल में बाढ़ के बाद अभी भी 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है,...
















