24.2 C
Dehradun
Saturday, April 13, 2024

आज से खुली विश्व धरोहर फूलों की घाटी, जल्द पर्यटक कर सकेंगे दीदार | Postmanindia

अगर आपको नेचर और ग्रीनरी के साथ ही फूलों की हजारों प्रजातियां देखने में दिलचस्पी है तो उत्तराखंड आपकी राह देख रहा है. कोविड काल के बाद उत्तराखंड में फूलों की घाटी को आज से कोविड गाइडलाइन के साथ खोल दिया गया है. फ़िलहाल सिर्फ़ चमोली जिले के लोग यहाँ जा सकेंगे. उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी यानी Valley of flowers इस बार पर्यटकों के लिए आज से खोली जा चुकी है. उत्तराखंड वन विभाग,पर्यटन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है. आपको शायद जानकारी न हो कि इस घाटी में फूल की पांच हजार से ज्यादा प्रजाति रहती है। यह घाटी करीब 88 हजार वर्ग मीटर के दायरे में फैली हुई है. स्वर्ग जैसी इस जन्नत को देखने के लिए आपको थोड़ी पैदल चलकर यहाँ पहुचना होगा.

ऐसे पहुचें Valley of flowers.

फूलों की घाटी Valley of flowers तक पहुँचने के लिए आपको ऋषिकेश से जोशीमठ तक करीब 270KM की दूरी तय करनी होगी. जोशीमठ में अप रात्रि विश्राम भी कर सकते हैं, जोशीमठ से 19KM बदरीनाथ हाईवे पर आपको आगे गोविन्द घाट पहुचना होगा. सिक्ख धर्म का पवित्र धाम हेमकुंड साहिब जाने का रास्ता भी यहीं से जाता है. गोविन्द घाट से दो किलोमीटर गांव तक ही सड़क जाती है. इसके बाद यहाँ से 13 किलोमीटर का पैदल सफ़र शुरू होता है. इस रस्ते पर भयुन्डार घाटी होते हुए अप घांघरिया पहुचेंगे. यहाँ आपको खाने और रहने की सभी सुविधा मिला जाएगी. यहाँ से एक रास्ता हेमकुंड साहिब के लिए जाता है जबकि दूसरा रास्ता फूलों की घाटी पहुचता है,यहाँ से आपको 150 रूपये की पर्ची लेकर 1 बजे से पहले पहुचना होगा.

आपके मतलब की कुछ खास बातें

इस घाटी का पता सन 1931 सबसे पहले ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस स्मिथ Frank S Smith और उनके साथी आर एल होल्डसवर्थ R.L.Holdsworth ने लगाया था. ये दोनों पर्वतारोही कामेट पर्वत के अभियान से लौट रहे थे इस दौरान वे रास्ता भटक गए लेकिन यहाँ की खूबसूरती से प्रभावित होकर स्मिथ 1937 में इस घाटी में वापस आये और, 1938 में “वैली ऑफ फ्लॉवर्स” नाम से एक किताब पब्लिश करवाई. फूलों की घाटी NATIONAL RESERVE FOREST है, जिसे अंग्रेजी में Valley of Flowers कहते हैं. फूलों की घाटी WORLD ORGANIZATION UNESCO विश्व संगठन, यूनेस्को द्वारा सन् 1982 में विश्व धरोहर WORLD HERITAGE घोषित किया गया. पोराणिक कथा के अनुसार रामायण काल में हनुमान संजीवनी बूटी की खोज में इसी घाटी में आये थे.

Which is the best time to visit Valley of Flowers?

Is Valley of Flowers Trek difficulty?

Why Valley of Flowers is closed?

Can we stay in Valley of Flowers?

How long is the walk to Hemkund Sahib?

spot_img

Related Articles

Latest Articles

अब तक पोस्टल बैलेट के माध्यम से हो चुका 94.73 प्रतिशत मतदान

0
देहरादून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरूषोत्तम ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस ब्रीफिंग करते हुए कहा कि लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 में...

डीएम ने रायपुर क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न मतदेय स्थलों का निरीक्षण किया

0
देहरादून। लोकसभा सामान्य निर्वाचन को निष्पक्ष एवं निर्विघ्न व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने हेतु जिलाधिकारी सोनिका ने आज 01 टिहरी गढ़वाल संसदीय क्षेत्र...

तुंगनाथ के कपाट 10 मई को और मद्महेश्वर के कपाट 20 मई को खुलेंगे

0
रुद्रप्रयाग। विश्व विख्यात भगवान तुंगनाथ के कपाट खोलने व चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से धाम रवाना होने की तिथि...

चोरी किए गए बच्चे सहित किडनैपर देवर-भाभी गिरफ्तार

0
हरिद्वार। हरिद्वार में हरकी पैड़ी से चोरी किए गए बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने दो...

इस बार किसी की सरकार न चुनकर अपनी सरकार चुने : प्रियंका गांधी

0
रामनगर। अपने चुनावी दौरे पर रामनगर आई प्रियंका गांधी ने चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार वह किसी की सरकार...