30.2 C
Dehradun
Friday, May 29, 2026


spot_img

साढ़े तीन लाख दीयों से जगमगाया वासुदेव घाट, दिखा भक्ति और रोशनी का संगम

नई दिल्ली। दिल्ली में पहली बार कश्मीरी गेट स्थित वासुदेव घाट पर बुधवार को दिल्ली दीपोत्सव 2024 कार्यक्रम का आयोजन हुआ। घाट को 3.51 लाख दीयों की रोशनी से जगमगाया गया। इस दौरान रोशनी और भक्ति का भी अद्भुत संगम देखने को मिला। साथ ही लेजर एवं ड्रोन शो भी देखने को मिला। इस कार्यक्रम का आयोजन देव दीपावली, गुरु पर्व और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में एलजी वीके सक्सेना के मार्गदर्शन में दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा किया गया था।
इस अवसर पर एलजी ने यमुना आरती भी की। लेजर एवं ड्रोन शो के माध्यम से जय श्री राम सहित कई दूसरे चीजों को आसमान में उकेरा गया। साथ ही वासुदेव घाट पर बारादरी में एक भव्य राम दरबार भी स्थापित किया गया। अपने संबोधन में सक्सेना ने कहा, दीपोत्सव दिल्ली का पहला ऐसा पर्व बनने जा रहा है, जिसका उद्देश्य न केवल दिल्लीवासियों को यमुना के प्रति जागरूक करना है बल्कि उसके करीब लाना और उसको अपनाना है। यमुना दिल्ली और यहां रहने वालों की पहचान है। साफ और निर्मल बनकर अविरल बहना न केवल इसका हक है बल्कि दिल्लीवासियों भी का दायित्व है कि इसमें वह अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा, यमुना हम सब के लिए पूजनीय है। सभी नदियों की तरह यमुना ने भी दिल्ली को हरा-भरा बनाने का काम किया है, लेकिन विंडबना है कि इसकी तुलना गंदे नाले से की जाती है। इसको साफ करने की इच्छाशक्ति खत्म हो गई है। यमुना के प्रति न लगाव और न कर्तव्य रहा। दो वर्ष पहले यहां आना संभव नहीं था, लेकिन आज दीपोत्सव का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को बधाई देते हुए कहा कि डेढ़-दो साल के अंदर भव्य तट का निर्माण किया। हजारों लोग यमुना के दर्शन के लिए आते हैं। आरती में हिस्सा लेते हैं। घाट को बनारस की तर्ज पर विकसित करने की इच्छा थी। धीरे-धीरे इसको अंजाम देना शुरू किया। अब हफ्ते में दो बार आरती हो रही है। यमुना के तट पर लोग बैठते हैं। मेरी कोशिश है कि इस तरह की संपत्ति और तैयार की जाए।
एलजी ने कहा, यह दीपोत्सव एक छोटा उत्सव नहीं है। दिल्ली देश की राजधानी है। हर हफ्ते ऐसे उत्सव होने चाहिए। दिल्ली की जनता को जोड़ना चाहिए। हालांकि अफसोस है कि ऐसा नहीं हुआ। यह घाट भारत की समृद्धि धरोहर बनकर तैयार होगा। दिल्ली को सुधारने में यह घाट अहम योगदान करेगा। अगले साल जब इस उत्सव को मनाएंगे तो पांच लाख दीयों को भी लगा सकते हैं। यह सिलसिला हर साल बढ़ना चाहिए। दिल्ली के लोगों को यमुना से जोड़ने का आह्वान है। दिल्ली में जिस उत्सव की शुरुआत हुई है उसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। यमुना हम सब की है। किसी एक व्यक्ति की नहीं है। इसके लिए हमें जीर्णोद्धार करना चाहिए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

प्रधानमंत्री मोदी ने अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर  दी...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वियतनाम के दा नांग में आयोजित 2026 अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर उन्हें...

गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध अप्रवासी की पहचान कर देश से निकालने की...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश से हर अवैध अप्रवासी की पहचान करके उसे निर्वासित करने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता...

केन्‍द्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 12 राज्‍यों को 10,000 करोड़ रुपये से...

0
नई दिल्ली। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पी.एम.ए.वाई.जी.) के अंतर्गत 12 राज्यों को...

BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश कोर कमेटी सदस्यों को दो-दो दिन विधानसभाओं में प्रवास...

0
​देहरादून । तीन दिवसीय प्रवास पर उत्तराखंड आये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विस चुनाव को देखते हुए बूथ प्रबंधन को लेकर...

पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण का सत्यापन करना हुआ आसान

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले से कहीं...