34.9 C
Dehradun
Saturday, June 20, 2026


spot_img

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक मुनीर बर्खास्त, पाकिस्तानी महिला से शादी छिपाने का आरोप

नई दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ ने अपने एक जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी की बात छिपाने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है, क्योंकि जवान का आचरण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाई गई। जवान मुनीर अहमद की आखिरी तैनाती देश के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में थी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जवान मुनीर अहमद को उन नियमों के तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है, जिसके तहत जांच की जरूरत नहीं होती।
‘मुनीर अहमद को पाकिस्तानी नागरिक से अपनी शादी को छिपाने और जानबूझकर उसके वीजा की वैधता से परे उसे शरण देने के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एम दिनाकरन ने कहा, ‘उनके कार्यों को सेवा आचरण का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक पाया गया।’
बता दें कि, पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाए गए कूटनीतिक उपायों के तहत भारत की तरफ से पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहने के बाद सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद की मिनल खान के साथ शादी का पता चला। दोनों ने पिछले साल 24 मई को एक वीडियो कॉल के जरिए शादी की थी। सीआरपीएफ की जांच में पाया गया कि जवान ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शादी और उसके भारत में रहने की सूचना नहीं दी थी।
पाकिस्तानी महिला से अपनी शादी को छिपाने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किए जाने के कुछ घंटों बाद सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने कहा कि पिछले साल CRPF के मुख्यालय से अनुमति मिलने के करीब एक महीने बाद उन्होंने अपनी शादी की। जम्मू के घरोटा इलाके के निवासी अहमद, जो अप्रैल 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे, ने कहा कि वह अपनी बर्खास्तगी को कानून की अदालत में चुनौती देंगे। मुझे न्याय मिलने का पूरा भरोसा है। मुनीर अहमद ने बताया, ‘मुझे शुरू में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से अपनी बर्खास्तगी के बारे में पता चला। मुझे कुछ ही समय बाद सीआरपीएफ से एक पत्र मिला जिसमें मुझे बर्खास्तगी के बारे में बताया गया, जो मेरे और मेरे परिवार के लिए एक झटका था क्योंकि मैंने मुख्यालय से एक पाकिस्तानी महिला से शादी करने की अनुमति मांगी थी और उसे अनुमति मिल गई थी।’
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल था। ये सभी लोग पहलगाम के बायसरन घाटी में मौजूद घास के बड़े मैदान में छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने फुटपाथ पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताया

0
नई दिल्ली। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने फ़ैसला सुनाया कि तय फ़ुटपाथ पर चलने का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने कहा कि किसी...

सेबी ने बाजार को अधिक प्रभावी बनाने और अनुपालन को आसान करने के लिए...

0
नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने बाजार को अधिक प्रभावी बनाने और अनुपालन को आसान करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए...

प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत 2400 करोड़ रुपये की...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2400 करोड़ रुपये...

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए 289 करोड़ की वित्तीय...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास, यातायात व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं...

उत्तराखंड में 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को मिली 24 करोड़...

0
देहरादून। मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास देहरादून में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में...