नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भूटान की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पूरी की। इस दौरान उन्होंने भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की पांचवीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। दोनों देशों ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए भारत की 10 हजार करोड़ रुपये की सहायता की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में 332 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 नई विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, कृषि, शहरी सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी हैं।
यात्रा के दौरान ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 4 हजार करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा के समझौते और स्वास्थ्य शिक्षा तथा अनुसंधान में सहयोग के लिए एम्स, नई दिल्ली और भूटान के खेसर ग्याल्पो मेडिकल विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए। विदेश सचिव ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और विदेश मंत्री डी. एन. धुंग्येल से मुलाकात कर दोनों देशों के सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

















