26.4 C
Dehradun
Saturday, July 18, 2026


spot_img

गृहमंत्री अमित शाह से मिले सीएम, प्रदेश हित की कई महत्वपूर्ण जरूरतों का सौंपा मांगपत्र

आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एसडीआरएफ निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने की स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का भी अनुरोध किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय गृहमंत्री शाह से शिष्टाचार भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मेलों / पर्वों पर तैनात होने वाले केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती / व्यवस्थापन पर होने वाले व्यय को पूर्वोत्तर राज्यों / विशेष श्रेणी के राज्य की भाँति (केन्द्रांश : राज्यांश ) 90 : 10 के अनुपात में भुगतान की व्यवस्था निर्धारित की जाए. 

मुख्यमंत्री ने राज्य के सीमित आर्थिक संसाधनों के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य में समय-समय पर तैनात केन्द्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के फलस्वरूप लम्बित देय धनराशि रूपये 47.29 करोड़ को अद्यतन विलम्ब शुल्क सहित छूट प्रदान करने का भी अनुरोध किया.  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड से नेपाल तथा चीन की सीमा लगी है, जहां स्थित गांव दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति तथा आर्थिक अवसरों की कमी के कारण वीरान हो रहे हैं. इन क्षेत्रों में इनर लाईन प्रतिबंध हटाये जाने से पर्यटन के अपार अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढने से वहां से पलायन रूकेगा. इससे संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर सीमा प्रबन्धन में भी सहायता मिलेगी. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से चमोली जिले के नीति घाटी और उत्तरकाशी के नेलोंग घाटी ( जाडूंग गांव) को इनर लाईन प्रतिबन्ध से हटाये जाने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया.  मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से कोविड की तीसरी लहर के दृष्टिगत राज्य सरकार की तैयारियों, चार धाम यात्रा, कांवङ यात्रा पर भी विचार विमर्श किया. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के प्राकृतिक आपदा की अत्यधिक संवेदनशीलता के दृष्टिगत विभिन्न महत्वपूर्ण बिन्दु  राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को संदर्भित किये गये हैं. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से राज्य के लिये 02 एयर एंबुलेन्स,  ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण में आपदा प्रबन्धन शोध संस्थान की स्थापना, आपदा प्रभावित गाँवों का विस्थापन एस०डी०आर०एफ० निधि के अन्तर्गत अनुमन्य किये जाने के साथ ही आपदा में लापता व्यक्तियों को मृत घोषित किये जाने हेतु स्थायी व्यवस्था स्थापित किये जाने का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा जोखिम प्रबन्धन कोष घटकों के लिए दिशा-निर्देश तैयार करते समय विशेष रूप से पर्वतीय राज्यों की वस्तुस्थिति पर ध्यान दिये जाने का भी आग्रह किया.मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य आपदा मोचन निधि के अन्तर्गत केन्द्रांश की द्वितीय किस्त अवमुक्त किये जाने का भी अनुरोध किया. 

ये भी पढ़ें प्रधानमंत्री मोदी से मिले सीएम धामी, प्रदेश हित में उठाई ये बड़ी बात

spot_img

Related Articles

Latest Articles

लगभग 95 करोड़ भारतीयों वाली मतदाता सूची एक जीवंत दस्तावेज: मुख्य निर्वाचन आयुक्त

0
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि चुनाव संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार...

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 जुलाई से मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा...

0
नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 19 से 25 जुलाई तक मोल्दोवा, उत्तरी मैसेडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर रहेंगी। विदेश मंत्रालय में सचिव...

प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ और जलंधर में कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जलंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई का...

प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दिखाई हरी झंडी

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन पर जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश—आपदा प्रबंधन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त...

0
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में राज्य के सभी जनपदों से अतिवृष्टि, मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, डेंगू की रोकथाम तथा...