20.5 C
Dehradun
Saturday, May 9, 2026


spot_img

सीएम धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से की मुलाकात, उत्तराखण्ड को कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगावाट स्थायी आवंटन किए जाने का किया अनुरोध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह से भेंट कर उत्तराखण्ड को कोयला आधारित संयंत्रों से 400-450 मे०वा० स्थायी आवंटन किए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिगत बेस लोड सुरक्षित किये जाने और राज्य को व्यापक विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयंत्रों से 40 0मेगागावाट स्थायी आवंटन किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइनों एवं टावरों को पुनर्स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त लाइनों की क्षतिपूर्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी, उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त विद्युत टावरों का सर्वे कराकर इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाय, इसका परीक्षण कराकर प्रतिपूर्ति पर विचार किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने बॉर्डर एरिया में विद्युत लाइनें एवं विद्युत संयंत्र शीघ्र स्थापित करने का अनुरोध किया। जिसके लिए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहाड़ी राज्यों के लिए मानक अलग से निर्धारित कर शीघ्र बॉर्डर एरिया में विद्युत लाइनें एवं विद्युत संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को केंद्रीय पूल से अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।केंद्रीय मंत्री ने इस पर सहमति प्रदान की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सोलर ऊर्जा, हाइड्रो पावर एवं कोयला से विद्युत उत्पादन के लिए दीर्घकालिक योजना पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने माह अप्रैल से सितम्बर 2023 तक औसतन 300 मे०वा विद्युत प्रतिमाह अनएलोकेटेड कोटा से उपलब्ध कराए जाने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में ऊर्जा की कुल उपलब्धता में 60 प्रतिशत से अधिक जल ऊर्जा संयंत्रों से है जिसमें मौसमी परिवर्तन के साथ उपलब्धता में व्यापक उतार-चढ़ाव होता है एवं शीत ऋतु में उत्पादन लगभग एक तिहाई रह जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की तकनीकी समिति ने अपनी रिपोर्ट में उत्तराखण्ड राज्य में बेस लोड की अनुपलब्धता स्वीकार करते हुए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयत्रों से अतिरिक्त रूप से लगभग 400 मे०वा० विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने हेतु अपनी संस्तुति दी है। राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिगत बेस लोड सुरक्षित किये जाने और राज्य को व्यापक विद्युत कटौती से मुक्त रखे जाने के लिए उत्तराखण्ड राज्य को कोयला आधारित संयंत्रों से 400 मेगावाट स्थायी आवंटन किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की।

केंद्रीय मंत्री आर के सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया। केंद्रीय मंत्री ने किशाऊ बांध के संबंध में कहा कि सभी राज्यों से विचार विमर्श करने के बाद शीघ्र ही आपत्तियों का निस्तारण कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने का...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत गठित करने का निर्देश दिया सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि...

भारत और सिंगापुर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सूचना साझा करने में तेजी...

0
नई दिल्ली। भारत और सिंगापुर ने रणनीतिक साझेदार के रूप में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग के महत्व पर बल दिया।...

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा नीति वार्ता का 10वां संस्करण दिल्ली में हुआ आयोजित

0
नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रक्षा नीति वार्ता का 10वां संस्करण  नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के...

भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता के दूसरे दौर का दिल्ली में समापन

0
नई दिल्ली।  भारत-कनाडा का संयुक्त वक्तव्य व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता-सीईपीए वार्ता के दूसरे दौर का समापन आज नई दिल्ली में हुआ। यह वार्ता दोनों...

सुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री

0
कोलकत्ता। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता सुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्‍यमंत्री होंगे। कोलकाता में आज उन्‍हें भाजपा विधायक दल का नेता...