नई दिल्ली। एनसीआर के 175 स्कूलों को बुधवार सुबह ई-मेल भेजकर बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने से अफरातफरी मच गई। दिल्ली के 162, गौतमबुद्ध नगर के पांच, गुरुग्राम के पांच और गाजियाबाद के तीन स्कूलों को धमकी वाले ईमेल मिले। इसके बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। कई स्कूलों में गेट से ही छात्रों को लौटा दिया गया। पुलिस के साथ ही बम एवं डाग स्क्वाड, कैट एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीम ने स्कूलों को खाली कराया। स्कूलों की जांच में बम या कोई अन्य संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर ईमेल को फर्जी करार दिया गया। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल को जांच सौंप दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया है।
केंद्रीय एजेंसियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए दिल्ली में हाई अलर्ट कर दिया गया है।केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली और आरोपित को जल्द से जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। इस मसले को लेकर गृह मंत्रालय में संक्षिप्त बैठक भी हुई, जिसमें आइबी प्रमुख शामिल हुए।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने विशेष आयुक्त कानून व्यवस्था रवींद्र सिंह यादव के साथ माडल टाउन स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में जाकर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव को हालात की जानकारी दी।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह छह बजे से ही स्कूलों में ईमेल आने शुरू हो गए थे। जैसे-जैसे स्कूल प्रशासन ईमेल देखते रहे, पुलिस को सूचना मिलती रही। कुछ ही देर में पूरी दिल्ली के 162 स्कूलों में बम की सूचना से हड़कंप मच गया। स्कूलों को ये ईमेल एक समय पर नहीं आए हैं, बल्कि इनका समय अलग-अलग है। जिन स्कूलों में बच्चे पहुंच गए थे, वहां छुट्टी कर दी गई। वहीं, जिन स्कूलों को बच्चों के आने से पहले ई-मेल का पता चल गया, उन्होंने छुट्टी की बात कहकर बच्चों को गेट से ही लौटा दिया।
स्कूल बसों को लौट दिया गया और बच्चों को वापस घर पहुंचाया गया। इंटरपोल की मदद ले रही दिल्ली पुलिस, रूस का है आइपी एड्रेस दिल्ली पुलिस जांच में इंटरपोल की भी मदद ले रही है। अब तक की जांच में पता चला है कि सभी स्कूलों को एक ही आइडी से एक जैसे ईमेल भेजे गए हैं। धमकी भरे ईमेल डाट काम की जगह आरयू लिखा है। स्कूलों को एक ईमेल आया, जो आइपी एड्रेस रूस में इस्तेमाल किया जाता है।
प्रेट्र ने एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया है कि सावरिम एक अरबी शब्द है जिसका इस्तेमाल आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने पिछले कई वर्षों में अपने प्रचार वीडियो में बड़े पैमाने पर किया है। ईमेल में ”पवित्र कुरान की आयतें” भी थीं। जांच एजेंसी का कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि मेल रूस से ही भेजे गया हो। भारत में बैठकर भी फर्जी आइपी एड्रेस का इस्तेमाल कर साजिश रची जा सकती है।
जांच एजेंसी को शक है कि रूस के इंटरनेट प्रोटोकाल (आइपी) एड्रेस के साथ वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल कर ईमेल किया गया। दरअसल, वीपीएन आइपी एड्रेस को छिपा देता है, जिससे सही आइपी एड्रेस का पता नहीं लग पाता है।
दिल्ली पुलिस की आतंकवाद रोधी इकाई ने जांच शुरू कर दी है, क्योंकि प्रारंभिक जांच में एक आतंकी समूह की गहरी साजिश का संकेत मिला है। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ”मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए गहन जांच की जरूरत है।” नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा, ‘बड़ी संख्या में इस तरह के धमकी भरे ईमेल भेजने का मुख्य एजेंडा कुछ आतंकी समूहों द्वारा दहशत पैदा करना और साइबर युद्ध छेड़ना है। उन्होंने कहा, जांचकर्ता समय के पहलू पर भी गौर कर रहे हैं क्योंकि देश में लोकसभा चुनाव चल रहा है।
स्कूलों में बम की धमकी से पूरे दिन रही अफरातफरी, दिल्ली में हाई अलर्ट जारी
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