23.8 C
Dehradun
Wednesday, August 12, 2026


spot_img

कोविशील्ड लेने वाले पूरी तरह सुरक्षित, डरने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी लंदन की एंस्ट्राजेनेका के बयान के बाद भारत में भी विवादों का पिटारा खुल गया है और सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई है कि कोविशील्ड वैक्सीन लेने वाले खतरे की जद में है। जबकि वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड लेने वाले पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कोविशील्ड वैक्सीन लेने वालों को आश्वस्त करते हुए कहा, इसका साइड इफेक्ट वैक्सीन लेने के अधिकतम तीन से चार हफ्तों तक ही हो सकता है। जबकि भारत में वैक्सीन दो-ढाई साल पहले लग चुकी है। ध्यान देने की बात है कि कोविशील्ड वैक्सीन का विकसित करने वाली एस्ट्राजेनेका ने लंदन की अदालत के सामने स्वीकार किया है कि इसके लगाने वालों को दुर्लभ मामलों में खून का थक्का जमने का खतरा (थ्रोम्बोसिसि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम – टीटीएस) का खतरा हो सकता है।
कोविड के बाद ऐसे कुछ मामले आए थे जिसमें युवाओं की भी एकबारगी दिल की धड़कने रुक रही थीं। इसे कोविड से जोड़ा जा रहा था। कोरोना काल में आईसीएमआर के महानिदेशक के रूप में वैक्सीन के विकास और उसके दुष्प्रभावों की जांच की निगरानी में करीब से जुड़े डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा कि कोविशील्ड लेने के बाद टीटीएस या किसी अन्य तरह का साइड इफेक्ट का खतरा अधिकतम तीन से चार हफ्तों तक ही हो सकता है, वो भी दुर्लभ मामलों में ही।
उनके अनुसार भारत में कोविशील्ड के 180 करोड़ डोज लगाए गए हैं। लेकिन लगभग नगण्य मामलों में ही इसके साइड इफेक्ट देखे गए और वो भी सामान्य उपचार से ठीक भी हो गए। उन्होंने साफ किया कि वैक्सीन लगाने के दो-ढाई साल बाद इसके साइड इफेक्ट का कोई खतरा नहीं है और इससे बेवजह डरने की जरूरत नहीं है। जबकि भारत में टीकाकरण की निगरानी की सर्वोच्च संस्था नेशनल टेक्नीकल एडवायजरी ग्रुप ऑफ इंडिया (एनटागी) से जुड़े एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि टीटीएस एक दुर्लभ बीमारी है। लेकिन भारत समेत दक्षिण एशिया के लोगों में यह और भी कम पाई जाती है।
उनके अनुसार यूरोप के लोगों की तुलना में एशिया के लोगों में इस बीमारी के होने का खतरा दसवां हिस्सा होता है। एस्ट्राजेनेका ने लंदन की अदालत में यूरोपीय लोगों में कोविशील्ड लगाने के बाद दुर्लभ मामलों में टीटीएस के खतरे की बात स्वीकारी है, जो भारत की परिस्थियों में लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि कोरोना टीका लगाने के बाद निगरानी के दौरान भी इस तथ्य की पुष्टि हो चुकी है। वैक्सीन लगाने के बाद कितने समय तक कोरोना से सुरक्षित होने के बारे में पूछे जाने पर आईसीएमआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि अब कोरोना से पूरा देश सुरक्षित है और इसके लिए नया वैक्सीन लगाने की जरूरत नहीं है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

संसद ने पारित किया अधिकरण सुधार विधेयक

0
नई दिल्ली। संसद ने अधिकरण सुधार विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। आज राज्यसभा ने भी इसे मंजूरी दे दी। लोकसभा पहले ही इस...

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कई मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण...

0
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोपहर दो बजे तक स्थगित की गई। आज...

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से अधिक परिवार...

0
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि फरवरी 2024 में शुरू हुई प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अब तक 5 लाख से...

मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ

0
देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘मुख्यमंत्री...

तमक नाला-घटना का होगा वैज्ञानिक अध्ययन, सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों को...

0
देहरादून। जनपद चमोली के ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग स्थित तमकनाला में 10 अगस्त 2026 को अत्यधिक जलप्रवाह एवं बड़ी मात्रा में मलबा आने की घटना...