33.3 C
Dehradun
Monday, April 20, 2026


spot_img

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम को वन कार्मिकों को ग्रामीणों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को फॉरेस्ट ट्रेनिंग अकादमी हल्द्वानी में वन, पेयजल, सड़क तथा विद्युत विभाग की समीक्षा की। उन्होंने वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम और कार्मिकों के मनोबल को बनाए रखने के लिए उच्च अधिकारियो को मौके पर फील्ड में बने रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ब्रिटिश काल की फायर लाइन जो अभी भी अस्तित्व में है, उन्हें रिस्टोर किया जाए ताकि वनाग्नि से जंगलों को काफी हद तक बचाया जा सके। मुख्यमंत्री ने वन विभाग के कार्मिकों को ग्रामीणों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर तालमेल से किसी भी प्रकार की आपदा के समय ग्रामीण सहयोगी के रूप में भूमिका निभायेंगे। इससे आपदा के प्रभाव को कम करने में काफी हद तक मदद मिलेगी और ग्रामीण अपने वन-जंगल के प्रति भी जुड़ाव महसूस करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ ही वनाग्नि की घटनाओं से निपटने में यद्यपि वन विभाग प्रयासरत है फिर भी इस दिशा में वन विभाग राज्य के लिए एक समावेशी प्लान तैयार करे जिससे हर साल लगने वाली आग को कम से कम किया जा सके। उन्होंने इस संबंध में देश के साथ ही विदेशो के विकसित मॉडल का अध्ययन पर बल देते हुए कहा कि इसे जरूरत के हिसाब से अपने राज्य के प्लान में समावेशित किये जाने के प्रयास किये जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग अपने ढांचे को निचले स्तर से सुदृढ़ कर बेहतर तरीके से कार्यों को क्रियान्वित करने पर ध्यान दे।
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण एजेंसियों को सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। रोड सेफ्टी हेतु लगाए जा रहे क्रैश बैरियर पर क्षेत्र की परिस्थितिकी के अनुरूप पौधारोपण को भी कहा। आम जन को गर्मी के सीजन में पेयजल की समस्या न हो इसके लिए पेयजल की आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि किसी भी कारणवश पेयजल लाइन बाधित होती है वहां अतिरिक्त टैंकर लगाकर पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने सरकारी दफ्तरों में सोलर पैनल को बढ़ावा देने के लिए विद्युत विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
मुख्य वन संरक्षक पी के पात्रों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सभी फायर वाचर को पिरुल एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे भविष्य में आवश्यकतानुसार उपयोग किया जा सके। बैठक में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जनपद में फरवरी 2019 से मई 2024 तक वनाग्नि की घटनाओं की तुलना में इस साल कम आग की घटनाएं घटित हुई है। बैठक में विधायक लालकुआ डॉक्टर मोहन बिष्ट, डीआईजी डा योगेन्द्र रावत, एस एस पी पी एन मीणा, जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडी परिषद अध्यक्ष अनिल कपूर, डीएफओ टीआर बीजूलाल, अधीक्षण अभियंता जलसंस्थान विशाल सक्सेना,एनडीआरएफ अनिल कुमार के साथ ही लोनिवि, विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

श्रीलंका में भारतीय समुदाय के लिए प्रवासी नागरिक योजना को छठी पीढ़ी तक बढ़ाया...

0
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने श्रीलंका में भारतीय मूल के तमिल समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई...

दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ली जाए म्युंग तीन दिन की भारत यात्रा पर दिल्ली...

0
नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति ली जाए म्युंग तीन दिन की भारत यात्रा पर नई दिल्‍ली पहुंचे। राष्‍ट्रपति ली की यह पहली भारत...

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 2,500 से अधिक कारीगरों को एआई से प्रशिक्षित किया...

0
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अन्‍तर्गत 2,500 से अधिक लाभार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों के माध्‍यम...

53.5 लाख एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति; 39,000 पीएनजी उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लौटाए

0
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा कि घरेलू एल पी जी सिलेंडर की आपूर्ति बुकिंग की तुलना में सामान्‍य है। कल 53.50 लाख से...

ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना हुई बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली

0
रुद्रप्रयाग। आस्था और श्रद्धा के प्रतीक भगवान श्री केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से विधिवत पूजा-अर्चना...