34.7 C
Dehradun
Wednesday, June 17, 2026


spot_img

रुपये का सिंबल हटाने पर भड़कीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कहा-अलगाववाद को दे रहे बढ़ावा

नई दिल्ली। रुपये को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी बयान आ गया है। सीतारमण ने कहा है कि ये कदम अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा देता है। बता दें कि 2025-26 के लिए राज्य के बजट में स्टालिन सरकार ने देवनागरी लिपि में रुपये के लोगो को तमिल अक्षर से बदल दिया है। भाजपा ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व द्रमुक विधायक के पुत्र ने ही रुपये का लोगो बनाया है। शुक्रवार को पेश होने वाले बजट से एक दिन पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इसका टीजर साझा किया है। इसमें रुपये के लोगो की जगह तमिल भाषा में ‘रु’ दिख रहा है, जिसका मतलब ‘रुबाई’ (तमिल में रुपया) है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने लिखा- अगर डीएमके को ‘₹’ से दिक्कत है, तो उसने 2010 में इसका विरोध क्यों नहीं किया, जब इसे आधिकारिक तौर पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के तहत अपनाया गया था। उस समय तो डीएमके केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी।
सीतारमण ने कहा कि यह महज प्रतीकात्मकता से कहीं अधिक है। यह एक खतरनाक मानसिकता का संकेत देता है, जो भारतीय एकता को कमजोर करता है और क्षेत्रीय गौरव के बहाने अलगाववादी भावनाओं को बढ़ावा देता है। उन्होंने इसे भाषा और क्षेत्रीय अंधभक्ति का एक पूरी तरह से टाला जा सकने वाला उदाहरण बताया। यह पहली बार है कि किसी राज्य ने राष्ट्रीय मुद्रा के प्रतीक को अस्वीकार किया है और उसकी जगह अपनी क्षेत्रीय भाषा को महत्व दिया है। तमिलनाडु सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को खारिज करने के बाद इस मुद्दे पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री स्टालिन केंद्र सरकार पर राज्य में हिंदी थोपने का प्रयास करने का आरोप लगा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य हिंदी को बढ़ावा देना है। राज्य सरकार के इस कदम से भाजपा नाराज है, लेकिन सत्तारूढ़ द्रमुक ने आश्चर्य जताया कि क्या कोई नियम इस पर रोक लगाता है। भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न डिजाइन करने वाले आईआईटी गुवाहाटी के प्रोफेसर डी उदय कुमार ने किसी विवाद में पड़ने से इन्कार कर दिया और कहा कि यह महज संयोग है कि उनके पिता द्रमुक विधायक थे। उन्होंने कहा, मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी है। राज्य सरकार को लगा कि बदलाव की जरूरत है और वह खुद का स्क्रिप्ट लागू करना चाहती है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी, वैश्विक साझेदारियों पर जोर

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी फ्रांस के एवियन में चल रहे जी-7 शिखर सम्मेलन के उच्च स्तरीय कार्य सत्र में भाग ले रहे हैं।...

प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उच्च...

0
नई दिल्ली। फ्रांस के एवियां में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक उच्च स्तरीय कार्य सत्र में भाग...

वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बनी

0
देहरादून। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना के पुनर्जीवीकरण के बारे...

राज्यपाल ने विज्ञान आधारित पशुधन विकास और ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर दिया बल

0
नैनीताल। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), मुक्तेश्वर...

उत्तराखण्ड में 13 BLO ने 8 दिन में पूर्ण किया SIR का कार्य, मुख्य...

0
देहरादून। उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 8 जून से शुरु हो गया है। ऐसे में प्रदेश के 7 जनपदों के 13 बीएलओ ऐसे...