19.8 C
Dehradun
Wednesday, January 21, 2026


वायरस वीजा लेकर नहीं आते और उपचार पासपोर्ट देखकर नहीं किए जाते: PM मोदी

रियो डी जनेरियो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्वास्थ्य पर भारत की प्राथमिकताओं को साझा किया और इन्हें मानवता के भविष्य के लिए अहम बताया। उन्होंने भारत की मिशन लाइफ, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आयुष्मान भारत योजना जैसी पहलों का जिक्र करते हुए पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य सुधार पर जोर दिया। मोदी ने कहा, जलवायु न्याय नैतिक जिम्मेदारी है और जब तक तकनीक व वित्तीय सहायता सुलभ नहीं होगी, तब तक जलवायु कार्रवाई पर केवल चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘पर्यावरण, कॉप30 और वैश्विक स्वास्थ्य’ पर सत्र को संबोधित किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, मैं ब्राजील का आभारी हूं कि उसने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इन विषयों पर चर्चा की पहल की। ये मानवता के भविष्य के लिए बेहत महत्वपूर्ण विषय है।
एक अन्य एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, हम भारत में जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देते आए हैं। यह हमारी प्राचीन संस्कृति का भी हिस्सा रहा है। हमारे लिए जलवायु परिवर्तन केवल ऊर्जा का विषय नहीं है, बल्कि जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने का सवाल है।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत ‘लोग, ग्रह और प्रगति’ की भावना से प्रेरित है। भारत ने मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली), एक पेड़ मां के नाम, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा रोधी ढांचे के लिए गठबंधन, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस जैसी कई पहल शुरू की हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा, दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारत ने पेरिस समझौते के अपने वादों को समय से पहले पूरा कर लिया। हमारे लिए जलवायु न्याय कोई विकल्प नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी है। भारत का मानना है कि जब तक जरूरतमंद देशों को तकनीकी हस्तांतरण और किफायती वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी, तब तक जलवायु कार्रवाई केवल चर्चाओं तक सीमित रहेगी।
उन्होंने कहा, हमारे लोगों और ग्रह का स्वास्थ्य आपस में जुड़ा हुआ है। कोरोना महामारी ने हमें सिखाया कि वायरस वीजा लेकर नहीं आते और समाधान पासपोर्ट देखकर नहीं चुने जाते! इसलिए हमें अपने साझा प्रयासों को मजबूत करना होगा, ताकि हमारा ग्रह स्वस्थ रह सके। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत को गर्व है कि उसने आयुष्मान भारत योजना शुरू की, जो अपनी तरह की दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। हमने स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक की ताकत का उपयोग किया है। हमारे पास पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की भी एक समृद्ध परंपरा है, जो समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जलवायु महत्वाकांक्षा और वित्तपोषण के बीच की खाई को पाटने में विकसित देशों की अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगले साल भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में ‘मानवता पहले’ वाला दृष्टिकोण होगा। भारत ब्रिक्स को एक नए रूप में फिर से परिभाषित करने के लिए काम करेगा, जो सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलापन और नवाचार का निर्माण होगा। जिस तरह हमारी अध्यक्षता के दौरान हमने जी-20 को विस्तार दिया, एजेंडे में वैश्विक दक्षिण के मुद्दों को प्राथमिकता दी, उसी तरह ब्रिक्स की हमारी अध्यक्षता के दौरान हम इस मंच को लोगों को केंद्रित करने और मानवता पहले की भावना से आगे बढ़ाएंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भाजपा अध्यक्ष बनते ही चुनावी मोड में आए नितिन नवीन; कई राज्यों के चुनाव...

0
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही संगठन को सीधे चुनावी मोड में डाल दिया है।...

अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बोलीं: दुनिया में चल रही ‘स्पेस रेस’, लक्ष्य है चांद...

0
नई दिल्ली: प्रसिद्ध अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा है कि इस समय दुनिया में एक तरह की ‘स्पेस रेस’ जरूर चल रही...

बांग्लादेश के हालात और बिगड़ेंगे?: भारत का बड़ा फैसला, अधिकारियों के परिवारों को वापस...

0
नई दिल्ली। कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात...

भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन की पहली बड़ी बैठक, विकसित भारत बनाने...

0
नई दिल्ली। नितिन नवीन को 20 जनवरी को औपचारिक तौर पर भाजपा का नया अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही भाजपा...

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने रचा नया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री धामी के...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल, संवेदनशील और परिणामोन्मुख नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश...