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Tuesday, August 11, 2026


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उपलब्धिः उत्तराखण्ड ने वित्तीय प्रबंधन में हिमालयी राज्यों में पाया दूसरा स्थान

देहरादून। रजत जयंती वर्ष में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि उत्तराखंड के खाते में आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन में शानदार प्रदर्शन किया है। एजेएनआईएफएम की कंपोजिट पब्लिक फाइनेंशियल परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में ओवरऑल प्रदर्शन में अरुणाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड ने दूसरा स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रतिष्ठित वित्तीय संस्थान अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फाइनेंशियल मैनेजमेंट (एजेएनआईएफएम) ने वर्ष वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राजकोषीय और वित्तीय प्रबंधन के आधार पर देशभर के राज्यों की रैंकिंग निर्धारित की है।
विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में धामी सरकार ने अपने गुड गवर्नेंस से विशिष्ट स्थान बनाया है। एजेएनआईएफएम ने 23 मानकों पर राज्यों के वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन को परखा है। संसाधनों के प्रबंधन में उत्तराखंड सरकार ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम रैंक हासिल की है। जबकि पड़ोसी राज्य हिमाचल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी प्रकार कँटीजेन्ट लायबिलिटी इंडेक्स में उत्तराखंड ने पहला स्थान हासिल किया है। ऋण प्रबंधन में राज्य को पांचवां स्थान मिला है। ऋण प्रबंधन में राज्य ने सुधार किया है। हिमाचल प्रदेश इस श्रेणी में 10वें स्थान पर रहा है। घाटा प्रबंधन में उत्तराखंड को पांचवां स्थान मिला है जबकि हिमाचल पीछे रहा है। इससे पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड ने घ्5,310 करोड़ का राजस्व अधिशेष दर्ज कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखण्ड राजस्व अधिशेष में अव्वल राज्यों में शामिल हो गया है।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह वित्तीय सुधार और सुशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प से प्रेरणा लेकर राज्य को वित्तीय रूप से सशक्त और सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आर्थिक आत्मनिर्भरता और समृद्ध भविष्य की दिशा में रखा गया एक मजबूत कदम है। सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन की नीति पर आगे बढ़ते हुए उत्तराखण्ड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

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