26 C
Dehradun
Friday, July 17, 2026


spot_img

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के पहले सत्र में जल, जमीन, जंगल पर अहम चर्चा

देहरादून। प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन का पहला सत्र जल, जंगल, जमीन के संरक्षण की परम आवश्यकता पर केंद्रित रहा। इस मौके पर जोर देते हुए कहा गया कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी खूबसूरती जल, जंगल और जमीन से जुड़ी है। जोर देते हुए कहा गया कि जीडीपी तय करते हुए एक पैमाना यह भी होना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र की पारिस्थितिकी प्रगति किस तरह की रही है।
दून विश्वविद्यालय में आयोजित इस सम्मेलन के पहले सत्र में हेस्को संस्था के संस्थापक पदम भूषण डा अनिल जोशी ने कहा कि देश का कोई कोना हो या विश्व की कोई अन्य जगह, पारिस्थितिकी और विकास के बीच संतुलन की चर्चा केंद्र में है। हिमालयी प्रदेश होने के कारण हमारे यहां तो यह चर्चा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच संतुलन अति आवश्यक है, क्योंकि आज पारिस्थितिकी संकट गहराने लगा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीडीपी तय करते वक्त औद्योगिक विकास, रोजगार समेत अन्य पैमानों पर ध्यान दिया जाता है, उसमें पारिस्थितिकी प्रगति का भी मूल्यांकन जरूरी है।
यूएनडीपी के स्टेड हेड प्रदीप मेहता ने कहा कि यह जरूरी है कि हम परंपरागत कृषि करें, लेकिन परिस्थिति और सुविधाओं के अनुरूप उसमें बदलाव किया जाना भी आवश्यक है। वन विभाग के पूर्व पीसीसीएफ और आईआईटी रूड़की की फैकल्टी डा कपिल जोशी ने कहा कि निसंदेह हिमालयी क्षेत्रों में विकास हुआ है, लेकिन यह समीक्षा होनी भी जरूरी है कि उससे पारिस्थितिकी तंत्र पर कितना असर पड़ा है। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में आंकडे़ भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि चाहे तापमान हो, बारिश हो या पारिस्थितिकी से जुड़ी अन्य कोई बात, आंकडे़ बता रहे हैं कि उनमें बहुत ज्यादा चरम स्थिति दिख रही है, जो कि ठीक नहीं है।
वन विभाग की पीसीसीएफ और यूकेएफडीसी की एमडी नीना ग्रेवाल ने कहा कि प्राकृतिक संपदा का उतना ही इस्तेमाल जरूरी है, जितने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने संबोधन में वनों पर आधारित रोजगार, ईको-टूरिज्म की आवश्यकता पर जोर दिया। एटरो रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नितिन गुप्ता ने कहा कि ई-वेस्ट को रिसाइकल करके हम इस समस्या को अवसर में बदल सकते हैं। इस सत्र के कोऑर्डिनेटर वन विभाग के पीसीसीएफ डा एसपी सुबुद्धि ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों की ओर से उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। प्रवासी उत्तराखंडियों में डा मायाराम उनियाल, रामप्रकाश पैन्यूली, सतीश पांडेय और राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

ईडी ने आतंकी वित्तपोषण और घुसपैठ मामले में 13 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया

0
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित आतंकी वित्तपोषण और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े एक मामले में आज 13 स्‍थानों पर तलाशी अभियान चलाया।...

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा-जलवायु परिवर्तन के बावजूद देश में अनाज और...

0
नई दिल्ली। कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने इस वर्ष...

सामाजिक सुरक्षा कवरेज में भारत ने एक अरब का आंकड़ा पार किया

0
नई दिल्ली। भारत ने सामाजिक सुरक्षा कवरेज में एक अरब का आंकड़ा पार कर लिया है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया...

पीएम मोदी हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन से चलने...

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी कल हरियाणा में जींद रेलवे स्टेशन पर जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन...

मुख्यमंत्री ने हरेला पर्व पर किया राज्य स्तरीय पौधारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ

0
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद अल्मोड़ा के गरुड़ाबाज मैदान में हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय ‘एक पेड़...