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Friday, May 8, 2026


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मतदाता सूची में विशेष संशोधन के बाद असम में 10.56 लाख नाम कटे

गुवाहाटी / नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव से पहले असम में मतदाता सूची को दुरुस्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चुनाव आयोग ने विशेष पुनरीक्षण (स्पेशल रिवीजन) के बाद राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस प्रक्रिया में 10 लाख 56 हजार 291 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि इसका मकसद त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें।
चुनाव आयोग की ओर से जारी एकीकृत ड्राफ्ट सूची के अनुसार, असम में अब कुल 2 करोड़ 51 लाख 9 हजार 754 पंजीकृत मतदाता हैं। इस आंकड़े में 93 हजार 21 डी-वोटर शामिल नहीं हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों को हटाया गया है, वे मृत्यु, स्थानांतरण या डुप्लीकेट प्रविष्टियों के कारण सूची में बने हुए थे। इन्हें हटाकर मतदाता सूची को साफ किया गया है।
विशेष पुनरीक्षण के दौरान कुल 10,56,291 नाम हटाए गए। इनमें से 4,78,992 नाम ऐसे थे, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 5,23,680 मतदाता अपने पंजीकृत पते से दूसरी जगह स्थानांतरित पाए गए। इसके अलावा 53,619 ऐसे नाम सामने आए, जिनमें जनसांख्यिकीय समानता पाई गई और उन्हें सुधार के लिए चिन्हित किया गया। आयोग के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर सत्यापन के जरिए की गई।
असम में डी-वोटर एक विशेष श्रेणी के मतदाता होते हैं, जिन्हें नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों में कथित कमी के आधार पर वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया है। ऐसे मतदाताओं की पहचान विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत गठित विशेष न्यायाधिकरण करते हैं। डी-वोटर को मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता। हालांकि, ड्राफ्ट सूची में डी-वोटर से जुड़ी सभी जानकारियां नाम, उम्र और फोटो पहले की तरह ही दर्ज रखी गई हैं।
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 22 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच चलाया गया। इस दौरान पूरे असम में 61 लाख 3 हजार 103 घरों का सत्यापन किया गया। प्रक्रिया में 35 जिला निर्वाचन अधिकारी, 126 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 1,260 सहायक अधिकारी, 29,656 बूथ लेवल अधिकारी और 2,578 पर्यवेक्षक शामिल रहे। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने भी 61,533 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके।
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। मतदाता 22 जनवरी तक अपने नाम, उम्र या पते से जुड़ी गलतियों को सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। पुनर्गठन के बाद राज्य में अब कुल 31,486 मतदान केंद्र तय किए गए हैं।
हालांकि देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है, लेकिन असम के लिए अलग से विशेष पुनरीक्षण का आदेश दिया गया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि असम में नागरिकता से जुड़े प्रावधान अलग हैं और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नागरिकता जांच की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है। अधिकारियों के मुताबिक, यह विशेष पुनरीक्षण वार्षिक संक्षिप्त संशोधन और विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच की एक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है।

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