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Tuesday, September 22, 2026


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‘एक राष्ट्र, एक चुनाव संविधान के मूल ढांचे का नहीं करता उल्लंघन’, पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई का बयान

नई दिल्ली: देश में लोकसभा और राज्यों के चुनाव एक ही समय कराए जाने का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे संघीय व्यवस्था और लोकतंत्र प्रभावित हो सकते हैं। लेकिन पूर्व सीजेआई गवई और विधि आयोग का मानना है कि ऐसा नहीं होगा, क्योंकि चुनाव की मूल प्रक्रिया और अधिकार नहीं बदलेंगे- सिर्फ चुनाव की टाइमिंग बदलेगी।
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के सामने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव) कराने का प्रस्ताव संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। उन्होंने समझाया कि संविधान का मूल ढांचा मुख्य रूप से संघीय व्यवस्था और लोकतांत्रिक शासन जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। उनके अनुसार, प्रस्तावित कानून इन दोनों में कोई बदलाव नहीं करता, इसलिए यह संविधान के अनुरूप है।

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