17.6 C
Dehradun
Sunday, March 22, 2026


spot_img

मुख्यमंत्री ने किया विभागों का बंटवारा, अपने कई विभाग मुख्यमंत्री ने सहयोगी मंत्रियों को सौंपे

देहरादून। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित बंटवारा कर दिया है। हाल ही में पाँच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद किए गए इस आवंटन में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रशासनिक विभाग अपने पास ही रखे हैं। अब तक मुख्यमंत्री के पास 35 से अधिक विभागों का दायित्व था।

जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग स्वयं देखेंगे। इन विभागों को शासन संचालन की रीढ़ माना जाता है, जिनके माध्यम से प्रशासनिक फैसलों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण सुनिश्चित किया जाता है।

वहीं, अन्य विभागों का बंटवारा मंत्रियों के बीच करते हुए उन्हें उनके-उनके दायित्व सौंपे गए हैं, ताकि विभागीय कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सूत्रों के अनुसार इस नए बंटवारे से कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने कैबिनेट का विस्तार करते हुए विधायक खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, मंत्रिमंडल में पाँच पद लंबे समय से रिक्त चल रहे थे, जिनमें तीन पद पहले से खाली थे, एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद रिक्त हुआ था, जबकि एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण खाली हुआ। इन परिस्थितियों में संबंधित विभागों का दायित्व भी मुख्यमंत्री के पास ही था।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह बंटवारा संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख प्रशासनिक विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहेगी, वहीं अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है। कुल मिलाकर, यह विभागीय बंटवारा सरकार की कार्यशैली को अधिक समन्वित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खजान दास
1. समाज कल्याण
2. अल्पसंख्यक कल्याण
3. छात्र कल्याण
4. भाषा

भरत सिंह चौधरी
1. ग्राम्य विकास,
2. लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम,
3. खादी एवं ग्रामोद्योग ।

मदन कौशिक
1. पंचायतीराज
2. आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास
3. आयुष एवं आयुष शिक्षा
4. पुनर्गठन
5. जनगणना

प्रदीप बत्रा
1. परिवहन
2. सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज
3. विज्ञान प्रौद्योगिकी
4. जैव प्रौद्योगिकी

राम सिंह कैड़ा
1. शहरी विकास
2.पर्यावरण संरक्षण एंव जलवायु परिवर्तन
3. जलागम प्रबन्धन

spot_img

Related Articles

Latest Articles

एफआरआई देहरादून के राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम में उपग्रह-आधारित वन निगरानी प्रणालियों को शामिल करने...

0
देहरादून। “सतत वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देनेः मुद्दे और चुनौतियाँ“ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आईसीएफआरई देहरादून में संपन्न हुई। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि...

चार साल बेमिसालः सशक्त नेतृत्व में बदला उत्तराखण्ड का स्वरूप, ऐतिहासिक फैसलों से विकास...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने अपने चार वर्ष के दौरान कई ऐसे ऐतिहासिक और सशक्त फैसले लिए, जिनसे...

विकास भी, विरासत भीः निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और उपलब्धियों से उत्तराखण्ड ने रचा नया इतिहास

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड ने पिछले चार वर्षों में विकास और विरासत का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसने...

बंगाल में तृणमूल-भाजपा कार्यकर्ताओं में पोस्टर-बैनर हटाने को लेकर संघर्ष, कई जख्मी

0
कोलकाता। कोलकाता से सटे बरानगर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को पोस्टर-बैनर हटाने को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ता भिड़ गए। इसमें...

भारतीय नौसेना 3 अप्रैल को स्टील्थ फ्रिगेट ‘तारागिरी- F41’ को बेड़े में शामिल करेगी

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना 3 अप्रैल को अपने नवीनतम स्टील्थ फ्रिगेट तारागिरी – F41 को अपने बेड़े में शामिल करेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम में...