नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अन्तर्गत 2,500 से अधिक लाभार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षित किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका और व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाना है।
मंत्रालय ने कहा कि पारंपरिक शिल्प कौशल में एआई को एकीकृत करने से डिजिटल अंतर को कम करने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और नए बाजार के अवसर खोलने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 2,500 से अधिक कारीगरों को एआई से प्रशिक्षित किया गया
Latest Articles
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने कहा, भारत...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव ने कहा कि भारत ने उर्वरक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार...
सरकार ने कहा–अल नीनो के कारण कमजोर मॉनसून के संभावित असर से निपटने में...
नई दिल्ली। कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार अल नीनो के कारण मानसून के संभावित दुष्प्रभाव से निपटने...
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण के दूसरे समारोह में पद्म पुरस्कार प्रदान किए
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह में पद्म पुरस्कार प्रदान किए। पद्म पुरस्कार देश के...
ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों-एन.एस.ए की 16वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न
नई दिल्ली। ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों-एन.एस.ए की 16वीं बैठक आज नई दिल्ली में हुई। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार...
बीएलओ और फील्ड स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताः मुख्य निर्वाचन अधिकारी
देहरादून। जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य में जुटे बूथ लेवल अधिकारी के साथ हुई अभद्रता पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सख्त रूख...

















