नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कुछ परिस्थितियों में म्यूचुअल फंड में तीसरे पक्ष द्वारा भुगतान की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। आज प्रकाशित एक परामर्श पत्र में सेबी ने कहा कि इसका उद्देश्य एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना है जो वास्तविक मामलों में निवेश को आसान बनाए और साथ ही संभावित दुरुपयोग के खिलाफ मजबूत सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करे। सेबी ने एक तीसरे पक्ष द्वारा भुगतान का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत नियोक्ता वेतन कटौती के माध्यम से कर्मचारियों के म्यूचुअल फंड यूनिट में किए गए निवेश का भुगतान कर सकता है।
तीसरे पक्ष द्वारा किए गए भुगतानों में धन शोधन के जोखिमों को प्रबंधित करने के लिए सेबी ने भुगतान प्राप्तकर्ता और लाभार्थी दोनों को मजबूत केवाईसी, एक स्पष्ट लिखित अधिदेश और नियमित मिलान के साथ अलग खातों के माध्यम से एक ऑडिट योग्य, गैर-नकद इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रेल जैसे सुरक्षा उपायों का सुझाव दिया है। इस शोधपत्र पर टिप्पणियाँ/सुझाव 10 जून, 2026 तक जमा किए जा सकते हैं।

















