नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने जनसुरक्षा को देखते हुए रेबीज से संक्रमित, लाइलाज बीमारी से ग्रस्त या अत्यधिक खतरनाक कुत्तों को पहली बार मौत का इंजेक्शन दिए जाने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने देश में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या की समस्या से निपटने के मद्देनजर कई निर्देश जारी किये हैं।
न्यायालय ने कहा कि उन क्षेत्रों में कुत्तों को मौत का इंजेक्शन दिया जा सकता है जहां कुत्तों की आबादी खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है और जहां कुत्तों के लगातार काटने और आक्रामक हमलों की घटनाओं से जन सुरक्षा खतरे में पड़ रही हो।
न्यायालय द्वारा यह आदेश लावारिस कुत्तों के काटने और रेबीज के मामले से जुडी मीडिया की खबरों के बाद पिछले वर्ष 28 जुलाई को स्वत: संज्ञान के मामले में जारी किया गया है। इस बीच, शीर्ष न्यायालय ने लावारिस कुत्तों को आश्रय स्थल भेजने और नसबंदी करने के अपने पहले के आदेश को वापस लेने की मांग से जुड़ी याचिकाओं को खारिज कर दिया।















