हैदराबाद: हैदराबाद की तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लैब की पहली मंजिल पर बने जब्त सामान वाले कमरे में आग लगने से कंप्यूटर सिस्टम और कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुंचा। आग पर तीन घंटे में काबू पाया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका है।
हैदराबाद में तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की इमारत में शनिवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग उस कमरे में लगी जहां जब्त किए गए सामान और डिजिटल सामग्री रखी गई थी। इस घटना के बाद केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने राज्य सरकार से पूरे मामले पर साफ बयान देने की मांग की है। शुरुआती जानकारी में कंप्यूटर सिस्टम और लैब के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
अधिकारियों के अनुसार आग सुबह करीब 10 बजकर 8 मिनट पर लगी। सबसे पहले एक कर्मचारी ने पहली मंजिल के कमरे से धुआं उठते देखा। उसने तुरंत बाकी स्टाफ और वहां तैनात पुलिस इंस्पेक्टर को सूचना दी। मौके पर मौजूद अग्निशामक यंत्र से शुरुआती आग बुझाने की कोशिश भी की गई। फायर विभाग को तुरंत सूचना दी गई और कुछ ही मिनटों में दमकल की गाड़ियां पहुंच गईं।
फायर विभाग ने बताया कि आग ग्राउंड प्लस दो मंजिला इमारत की पहली मंजिल के एक हिस्से तक सीमित रही। आग बुझाने के लिए पांच दमकल गाड़ियां और एक फायरफाइटिंग रोबोट लगाया गया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब साढ़े तीन घंटे लगे और दोपहर लगभग 1:30 बजे स्थिति नियंत्रण में आई। इस दौरान किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है।
लैब निदेशक शिखा गोयल ने बताया कि कंप्यूटर फॉरेंसिक लैब, ट्रेनिंग हॉल और कुछ अन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। जिस कमरे में आग लगी, वहां हार्ड डिस्क, कागज और दूसरे जब्त सामान रखे थे। कमरे का बड़ा हिस्सा जल गया। हालांकि ज्यादातर केस प्रॉपर्टी और लैब का मुख्य मटेरियल सुरक्षित बताया गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में फायर अधिकारियों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण बताया है। आशंका है कि आग कमरे के इलेक्ट्रिक स्विच बोर्ड से शुरू हुई। असली कारण की जांच जारी है। पुलिस में शिकायत दर्ज कर ली गई है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट दावे और अफवाहों से बचने की अपील की है।
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि यह गंभीर मामला है और सरकार को बताना चाहिए कि जले कंप्यूटरों का बैकअप था या नहीं। उन्होंने दावा किया कि लैब में कुछ हाई प्रोफाइल मामलों से जुड़े डाटा भी हो सकते हैं, जिनमें कैश-फॉर-वोट और फोन टैपिंग जैसे केस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी और फॉरेंसिक सबूतों की वैकल्पिक व्यवस्था पर भी सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए।
तेलंगाना की फॉरेंसिक लैब में लगी आग, सबूतों की सुरक्षा पर घिरी राज्य सरकार; केंद्र ने मांगा जवाब
Latest Articles
मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए 227 करोड़...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद हरिद्वार में पुलिस चैकी सुल्तानपुर के प्रशासनिक भवन का निर्माण किये जाने हेतु 241.48 लाख के सापेक्ष...
मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय में सुनीं जनसमस्याएं, जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र...
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों से...
मुख्यमंत्री ने गदरपुर में 2,830.07 लाख की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर बस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घ्2,830.07 लाख लागत की 08 विकास परियोजनाओं...
शिकायती प्रकरणों पर आयोग अध्यक्ष संजय नेगी ने की सुनवाई, अधिकारियों को त्वरित एवं...
देहरादून। उत्तराखंड अन्य विछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी ने आयोग कार्यालय में प्राप्त विभिन्न शिकायती प्रकरणों पर सुनवाई की। इस दौरान कुल...
अमरीका और ईरान के बीच मिसाइल हमले तेज, पश्चिम एशिया संघर्ष के तत्काल समाधान...
नई दिल्ली। अमरीका और ईरान के एक-दूसरे पर नए मिसाइल हमलों से व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ गई है। नए हमलों से अन्य...

















