शिमला: ऑरेंज अलर्ट के बीच रविवार को हिमाचल प्रदेश में कई जगह झमाझम बारिश-अंधड़ के साथ ओलावृष्टि हुई। चंबा जिले के चेली गांव के डोंडरा नाला में शनिवार रात बादल फटने से एक 65 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति की नाले में बहने से मौत हो गई। बाढ़ में 150 भेड़-बकरियां भी नाले में बह गईं। उधर, राजधानी शिमला में दोपहर बाद करीब 1:30 बजे ही अंधेरा छा गया।
इस बीच गर्ज के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। लाहौल में चोटियों पर बर्फबारी और कई क्षेत्रों में बारिश हुई है। कुल्लू में शनिवार रात से शुरू हुई बारिश रविवार सुबह तक जारी रही। 9 घंटे हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। इसके अलावा रामपुर, सोलन, कांगड़ा, बिलासपुर, सिरमौर मंडी में भी बारिश-अधंड़ और ओलावृष्टि हुई।
ओले गिरने से फलदार पौधों और गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। बारिश से प्रदेश के कई क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मनाली में अधिकतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस और धर्मशाला में 4.0 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक हिमाचल में 5 मई को भी अंधड़-बारिश का यलो व 6 और 7 मई को तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण आठ मई तक मौसम में खराब रहने के आसार हैं। राजधानी शिमला में दिन में अंधेरा छा गया और झमाझम बारिश हुई। कांगड़ा, सुंदरनगर, जोत, पालमपुर, बैजनाथ और जुब्बड़हट्टी में अंधड़ के साथ बारिश हुई। शिमला, कोटगढ़ और कुफरी में ओलावृष्टि हुई। इससे लगातार दूसरे दिन भी सेब, स्टोन फ्रूट्स और अन्य फसलों को नुकसान हुआ। ऊना और हमीरपुर में शनिवार देर रात को जोरदार बारिश हुई। कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में रविवार को बारिश हुई। बिलासपुर में शनिवार रात से रविवार तड़के अंधड़ के साथ भारी बारिश हुई। फलों और गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है।
रविवार को ठियोग में भी झमाझम बारिश हुई, वहीं रोहड़ू के कई क्षेत्रों में ओले गिरे। रामपुर के कोटगढ़ और कुमारसैन में शनिवार रात को ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। सोलन में दोपहर बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई है। बारिश टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी के लिए संजीवनी बताई जा रही है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में चल रही गेहूं की कटाई प्रभावित हुई है। सिरमौर जिला के हरिपुरधार में दोपहर में तीन घंटे तेज बारिश हुई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है। उधर, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा में बादल फटने से बुजुर्ग की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोकग्रस्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रभावित परिवार को 25,000 रुपये की अंतरिम राहत राशि प्रदान की गई है।
हिमाचल में चंबा में फटा बादल, नाले में बहने से बुजुर्ग की मौत; 150 भेड़-बकरियां भी बह गईं
Latest Articles
भारत ने तीन वर्षों में एक हजार किलोमीटर से अधिक सुरक्षित क्वांटम संचार स्थापित...
नई दिल्ली। भारत ने महज तीन वर्षों में एक हजार किलोमीटर से अधिक सुरक्षित क्वांटम संचार स्थापित किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ....
आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए प्रस्तावित क्रेडिट वैल्यूएशन एडजस्टमेंट ढांचे के मसौदे पर...
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक-आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए प्रस्तावित क्रेडिट वैल्यूएशन एडजस्टमेंट ढांचे के मसौदे पर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे...
भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की मांग फिर दोहराई
नई दिल्ली। भारत ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पर अमरीका के सांसदों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा है कि यह देश...
संसद से पारित हुआ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास-संशोधन विधेयक
नई दिल्ली। संसद ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास-संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। राज्यसभा से सोमवार को मंजूरी मिलने के बाद...
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय गौलापार के निर्माण कार्यों की समीक्षा की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष मुख्यमंत्री आवास में खेल विभाग द्वारा उत्तराखंड क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (नैनीताल) के निर्माण कार्यों की विस्तृत प्रगति...

















