20.5 C
Dehradun
Monday, March 23, 2026


spot_img

चारधाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के लिए पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म, CM धामी ने अफसरों को दिये ये निर्देश

देहरादून: आगामी चार धाम यात्रा के लिए स्थानीय लोगों के पंजीकरण की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले सभी श्रद्धालुओं को उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा में दर्शन करवाये जायेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए होटलों एवं होमस्टे में बुकिंग करा ली है, उनकी दर्शन केे लिए भी व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान ये निर्देश अधिकारियों को दिये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि व्यवस्थित, सुगम एवं सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाय। देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के साथ राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों पर भी जाएं, इसके लिए राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों के बारे में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। इसके लिए पर्यटन, पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया जाए। वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जी ने श्रद्धालुओं से अपने यात्रा व्यय का 05 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने की अपील की है।

राज्य में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए कुछ उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रमोट किया जाए। जीएमवीएन में भी स्थानीय उत्पादों को रखा जाए। राज्य के स्थानीय उत्पादों की जानकारी आमजन तक पहुचांई जाय। चारधाम यात्रा मार्गों पर क्रैश बैरियर की समुचित व्यवस्था की जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों की रहने एवं सोने की समुचित व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए पुलिस द्वारा भीड़ प्रबंधन के लिए समुचित व्यवस्था की जाए। श्रद्धालुओं से जो भी आवश्यक जानकारी लेनी है, केवल एक बार राज्य के एन्ट्री प्वाइंट पर ली जाय। यह सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि उत्तराखण्ड आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। चारधाम यात्रा के लिए जिन-जिन विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगती है, उन विभागों से जो कार्मिक स्वेच्छा से चारधाम ड्यूटी पर जाना चाहते हैं, उन्हें पहले प्राथमिकता दी जाए। चारधाम यात्रा पर जो भी स्वास्थ्य शिविर लगाये जा रहे हैं, उन्हें व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। चारधाम यात्रा के लिए यात्रा मित्र के तौर पर कुछ स्थानीय लोगों को रखा जाए। यात्रा मार्गों पर पार्किंग स्थलों में वाहन चालकों के रहने एवं सोने की व्यवस्था की जाए। चारधाम यात्रा पर आने वाले वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए, इसके लिए अन्य राज्यों से भी समन्वय किया जाए।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों और केंद्र को जेल स्थिति के ताजा आंकड़े प्रस्तुत करने...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जेल की स्थिति से संबंधित ताजा आंकड़े 18 मई तक प्रस्तुत करने...

भारत अपनी तकनीकी जरूरतों के साथ ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मांग भी...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास व्‍यक्‍त किया है कि भारत न केवल अपनी तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ग्‍लोबल...

15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच चुके...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन...

देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय

0
नई दिल्ली। सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं है, तेल शोधन संयंत्र पूरी क्षमता से...

एफआरआई देहरादून के राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम में उपग्रह-आधारित वन निगरानी प्रणालियों को शामिल करने...

0
देहरादून। “सतत वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देनेः मुद्दे और चुनौतियाँ“ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आईसीएफआरई देहरादून में संपन्न हुई। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि...