नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित पहल है, जिससे देश को आर्थिक और पर्यावरणीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ मिले हैं।
नई दिल्ली में विकसित भारत सम्मेलन में श्री गडकरी ने केंद्र के इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का बचाव करते हुए आलोचकों से कहा कि वे मिश्रित ईंधन के कारण समस्याग्रस्त एक भी वाहन का उदाहरण दें। उन्होंने दावा किया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। श्री गडकरी ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और जीवाश्म ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक जैव ईंधनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक ईंधनों के अधिक उपयोग से प्रदूषण कम होगा, ईंधन आयात में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
श्री गडकरी ने कहा कि सरकार की प्रमुख परियोजनाएं देश में संपर्क व्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने 14 किलोमीटर लंबी जोजिला सुरंग, जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर बन रही 36 सुरंगों, केदारनाथ रोपवे और कश्मीर से कन्याकुमारी तक बेहतर सड़क संपर्क जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से देश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल रही है। श्री गडकरी ने यह भी कहा कि राजनीति सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम होनी चाहिए।

















