नई दिल्ली। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए एक योजना शुरू कर रहा है। इस योजना का नाम सीड यानी विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के विभिन्न घटकों के तहत 1 लाख 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को सहायता दी गई है। इसमें शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों को शामिल किया गया है। योजना के क्रियान्वयन के लिए 53 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता जारी की गई है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि यह योजना देशभर में शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि सीड योजना के विभिन्न घटकों के माध्यम से लाभार्थियों को अपनी आकांक्षाएं पूरी करने और भारत की विकास यात्रा में भागीदारी करने में सहायता मिल रही है।

















