22.6 C
Dehradun
Friday, July 10, 2026


spot_img

वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट: अमेरिकी टैरिफ का सीधा प्रभाव सीमित, चुनौतियों से निपटने के लिए उठाने होंगे ठोस कदम

नई दिल्ली। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर 27 अगस्त से 50 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए हालिया टैरिफ का सीधा असर भले ही सीमित दिख रहा हो, लेकिन इसके द्वितीयक और तृतीयक प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।
अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का सीधा असर भले ही सीमित दिख रहा हो, लेकिन इसके दूरगामी प्रभाव और चुनौतियों से निपटने को ठोस कदम उठाने होंगे। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी टैरिफ के अर्थव्यवस्था पर दूसरे और तीसरे चरण के प्रभाव चुनौतियां पेश करने वाले होंगे, जिनका समाधान करना बेहद जरूरी होगा। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में यह बात कही।
मंत्रालय की ओर से जारी मासिक आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि टैरिफ के प्रभावों और इससे जुड़े तमाम मुद्दों के समाधान के लिए भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता बेहद अहम है। 27 अगस्त से लागू हुए अमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ 48 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निर्यात को प्रभावित करेगा। ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए उच्च आयात शुल्क का खामियाजा जिन क्षेत्रों को भुगतना पड़ेगा, उनमें कपड़ा-परिधान, रत्न और आभूषण, झींगा, चमड़ा और जूते, पशु उत्पाद, रसायन और विद्युत व यांत्रिक मशीनरी शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक बदलाव को देखते हुए भारत सक्रिय रूप से विविधीकृत व्यापार रणनीति पर काम कर रहा है। इसके तहत हाल ही में ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया गया। इसके अलावा और अमेरिका, यूरोपीय संघ, न्यूजीलैंड, चिली और पेरू के साथ इसी तरह के समझौते करने के लिए वार्ताएं चल रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन उपायों के परिणाम दिखने में समय लगेगा। हालांकि, यह भी हो सकता है कि ये कदम उच्च शुल्क के बाद अमेरिका को निर्यात में होने वाली कमी को पूरी तरह से दूर न कर पाएं। इस चुनौती से निपटने के लिए भी तैयारी करनी होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। पिछले कुछ वर्षों में अर्थव्यवस्था के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन, नीतिगत स्थिरता और उच्च बुनियादी ढांचे के निवेश के कारण एसएंडपी ने इसे बीबीबी- से बीबीबी तक की रेटिंग प्रदान की है। अपग्रेड की गई रेटिंग अर्थव्यवस्था के मजबूत वृहद आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और चल रहे सुधार पहलों का प्रमाण है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू मोर्चे पर, सामान्य से अधिक वर्षा और खरीफ फसलों की बेहतर बुवाई के कारण, निकट भविष्य में मुख्य मुद्रास्फीति मध्यम बनी रह सकती है। पहली तिमाही में बाजार में बढ़ी आवक, पर्याप्त बफर स्टॉक और बेहतर उत्पादन संभावनाओं के साथ-साथ स्थिर वैश्विक तेल बाजार, खाद्यान्न की कीमतों को औसत बनाए रख सकते हैं। ये सब कारक मिलकर उच्च शुल्क के प्रभाव की कुछ हद तक भरपाई कर सकते हैं। चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिदृश्य के बीच आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने नीतिगत सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कुछ पहलों की घोषणा की है। इस कदम से परिवारों को प्रत्यक्ष राहत प्रदान करने और उपभोग मांग को बढ़ावा मिलेगा।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाले मुख्य पुर्ज़ों पर मूल सीमा शुल्क...

0
नई दिल्ली। सरकार ने स्मार्टफोन, लैपटॉप, पहनने योग्‍य स्‍मार्ट उपकरणों और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से...

विकसित भारत-2047 के लिए जे.पी. नड्डा का बुद्धिजीवियों से राष्ट्र निर्माण का आह्वान

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुद्धिजीवियों से विकासशील भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्र...

‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ऑस्‍ट्रेलिया के मेलबर्न में ऐतिहासिक मेलबर्न मीट्स मोदी कार्यक्रम में कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया गठबंधन नई उल्लेखनीय ऊंचाइयों...

भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी...

0
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण पोत सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क में अपनी यात्रा पूरी की। यह चल रहे लोकायन 2026 समुद्री अभियान...

देहरादून महायोजना-2041ः जनता की आवाज से आकार ले रहा देहरादून का भविष्य

0
देहरादून। राजधानी देहरादून के भावी विकास की दिशा तय करने वाली देहरादून महायोजना-2041 को जनभागीदारी के आधार पर अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून...