देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन हो गया है, वे 91 वर्ष के थे। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य से शोक की लहर है। तमाम राजनेताओं और सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री खंडूड़ी के निधन पर उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान राज्य में तीन दिनों तक समस्त जनपदों में सरकारी ऑफिस बंद रहेंगे। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। तीन दिन के राजकीय शोक के दौरान कोई भी शासकीय मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी की अंत्येष्टि 20 मई को पुलिस सम्मान के साथ की जाएगी। अंत्येष्टि के दिन राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे।
श्री खंड़ूड़ी ने देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से वहां भर्ती थे। पहली बार लोकसभा पहुंचने के दो साल के भीतर ही श्री खंडूड़ी को पार्टी का मुख्य सचेतक बना दिया गया था। 1996 के लोकसभा चुनाव में खंडूड़ी को हार का सामना करना पड़ा। 1999 में अटल बिहारी सरकार में सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया। इस दौर में देश में सड़कों की शक्ल बदलने और हाईवे बनाने का काम हुआ जिसके लिए खंडूड़ी की आज तक प्रशंसा होती है। 17 साल बाद एक बार फिर 2007 में भाजपा को खंडूड़ी को देहरादून भेजने की जरूरत महसूस हुई। 2007 से लेकर 2009 तक खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। 2011 में उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया गया। साल 2014 में मोदी लहर की वजह से भाजपा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई तो खंडूड़ी को रक्षा मामलों की संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
अपने मुख्यमंत्रीत्व काल में लोकायुक्त विधेयक को लेकर बीसी खंडूड़ी ने ऐतिहासिक कदम उठाया था। सल 2011 में बीसी खंडूड़ी ने उत्तराखंड में सबसे सख्त लोकायुक्त कानून पास करवाया। उत्तराखंड में पास इस लोकायुक्त में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएससहित सभी अधिकारी लोकायुक्त की जांच के दायरे में थे। इसमें भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का नियम था।
बीसी खंडूड़ी ने फाइल प्रोसेसिंग में तेजी, जन शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर में पारदर्शिता लाने की कोशिशें की। इसके लिए उन्होंने कई सुधार किये। बीसी खंडूड़ी को ई-गवर्नेंस और पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी के लिए जाना जाता है। बीसी खंड़ूड़ी सैनिक अधिकारी रहे। इसलिए वे भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन करते थे। इसके लिए वे सख्त राजनेता के तौर पर जाने जाते थे। वे किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते थे। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त शासन का नारा दिया। जिससे राज्य के साथ ही देश में उनकी अलग छवि बनी। बीसी खंडूड़ी ईमानदार छवि के नेता थे। इसलिए उन्होंने सरकारी खर्च में कटौती की। साथ ही सरकार में अनुशासन को प्राथमिकता थी। उन्होंने सीएम बनते ही नेताओ, मंत्रियों और अधिकारियों से समय का पालन करने की अपील की। साथ ही वे खुद परियोजनाओं में फंड के खर्च खे पक्षधर थे।
श्री खंडूड़ी के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यपाल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए लिखा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खण्डूड़ी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। सशस्त्र बलों से लेकर राजनीतिक जगत में उन्होंने बहुमूल्य योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। उत्तराखंड के विकास के लिए वे हमेशा समर्पित रहे, जो मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भी साफ तौर पर दिखा। केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उनका कार्यकाल हर किसी को प्रेरित करने वाला है। देशभर में कनेक्टिविटी की बेहतरी के लिए उन्होंने निरंतर अथक प्रयास किए। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और समर्थकों के साथ हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीसी खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि जनरल खंडूड़ी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की। श्री खंडूड़ी की सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, उत्तराखंड में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
Latest Articles
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता...
नई दिल्ली। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मधुमेह की रोकथाम को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात...
पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने तिमारपुर से 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन...
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आज तिमारपुर से 25 नई अटल कैंटीनों का...
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ का सिद्धांत अपनाने का आह्वान...
नई दिल्ली। उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है...
गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के अलवर में 6,400 करोड़ रुपये से अधिक...
अलवर/नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं, गरीबों, महिलाओं...
हवलदार पंकज की तलाश के लिए मुख्यमंत्री ने दिए प्रभावी निर्देश, परिजनों की सोशल...
देहरादून। चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के चलते उफान पर आए तमक नाले में लापता हुए ठत्व् के हवलदार पंकज की तलाश...

















