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Monday, March 23, 2026


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1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के युवा लगा सकेंगे कोरोना वैक्सीन |Postmanindia

देहरादून. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने वैक्सीनेशन पर बड़ा ऐलान किया है. 1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे. सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां अपनी 50 प्रतिशत सप्लाई केंद्र को करेंगी. बाकी 50 प्रतिशत सप्लाई वे राज्य सरकारों को दे सकेंगी या उसे ओपन मार्केट में बेच सकेंगी. वैक्सीनेशन के लिए कोविन के जरिए रजिस्ट्रेशन पहले की तरह जरूरी रहेगा.

अब तक 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को देशभर में कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही थी. देशभर में 12.38 करोड़ लोग वैक्सीन का पहला या दूसरा डोज ले चुके हैं. सरकार की ओर से सोमवार शाम को जारी आदेश के मुताबिक, नई पॉलिसी 1 मई 2021 से लागू की जाएगी और इसे लगातार रिव्यू भी किया जाएगा.

कंपनियां 50 प्रतिशत वैक्सीन केंद्र को सप्लाई करेंगी

सरकार ने वैक्सीन निर्माता कंपनियों से कहा है कि फेज-3 में वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां महीने में बनने वाली कुल वैक्सीन का 50 प्रतिशत केंद्र को सप्लाई करेंगी. बाकी का 50 प्रतिशत राज्य सरकारों और ओपन मार्केट में बेचने की छूट रहेगी.

केंद्र क्राइटेरिया तय कर राज्यों को वैक्सीन देगा

केंद्र सरकार वैक्सीन के अपने 50 प्रतिशत फीसदी कोटे से क्राइटेरिया तय करेगी. सबसे पहले ज्यादा प्रभावित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन सप्लाई की जाएगी. वैक्सीन के वेस्टेज पर राज्यों की निगेटिव मार्किंग भी की जाएगी. इसके लिए सभी राज्यों को पहले से जानकारी दी जाएगी.

पहली डोज लेने वालों को टीका लगाने में प्राथमिकता

वैक्सीन का पहला डोज ले चुके हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी जाएगी. वैक्सीन का पहला डोज लेने वाले 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी दूसरा डोज लेने के लिए तरजीह मिलेगी. ये पूरा काम तय रणनीति के साथ किया जाएगा.

सोनिया और मनमोहन ने भी की थी मांग

इससे पहले 17 अप्रैल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार को टीकाकरण के लिए अपनी प्राथमिकता पर पुनर्विचार करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि वैक्सीनेशन के लिए आयु सीमा को घटाकर 25 साल करना चाहिए. अस्थमा, मधुमेह, किडनी और लीवर संबंधी बीमारियों से पीड़ित सभी युवाओं को टीका लगाया जाना चाहिए. इससे पहले रविवार को ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्‌ठी लिखकर वैक्सीनेशन को लेकर कई सुझाव दिए थे. उन्होंने अमेरिका और यूरोप में सभी अप्रूव हो चुके वैक्सीन के डायरेक्ट यूज की इजाजत देने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि केवल कुल संख्या को नहीं देखना चाहिए, बल्कि कितने प्रतिशत आबादी को टीका लग चुका है, इसे देखा जाना चाहिए.

वैक्सीनेशन के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी लगी इससे पहले शुक्रवार को 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए वैक्सीन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. वकील एमआर शमशाद ने वकील रश्मि सिंह की तरफ से एक याचिका दायर कर देश की कामकाजी आबादी और युवाओं को वैक्सीन लगाने की मांग की थी.

यह भी पढ़ें: आम आदमी पार्टी में शामिल हुए कर्नल अजय कोठियाल, आप की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे कर्नल कोठियाल

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