20.5 C
Dehradun
Monday, March 23, 2026


spot_img

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” बना जनविश्वास का सबसे बड़ा अभियान

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक ले जाकर उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है। प्रदेश के सभी 13 जनपदों में अब तक कुल 630 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 4,92,395 नागरिकों ने प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं एवं सुझाव दर्ज कराए। केवल आज आयोजित 8 कैंपों में ही 8,372 नागरिकों ने प्रतिभाग किया, जो इस अभियान के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
शिकायत निवारण में तेज़ी
अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 48,093 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32,282 शिकायतों का निस्तारण मौके पर अथवा त्वरित कार्यवाही के माध्यम से किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में प्रशासनिक तंत्र पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है।
प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ
विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों हेतु अब तक 68,983 आवेदन प्राप्त हुए। विभिन्न सरकारी योजनाओं से अब तक 2,74,069 नागरिकों को लाभान्वित किया गया। केवल आज ही 5,014 नागरिकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। यह अभियान विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है, जहां अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
जनपदवार सक्रियता
हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली सहित सभी जनपदों में कैंपों के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया गया। विशेष रूप से हरिद्वार और देहरादून में आज बड़ी संख्या में प्रतिभागिता दर्ज की गई, जो इस अभियान की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम छोर तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सरकार जनता के द्वार पर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेगी और हर नागरिक को सम्मानपूर्वक न्याय मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिया जाए। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी सोच और उत्तरदायी शासन प्रणाली का सशक्त उदाहरण है। यह अभियान न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को भी सुदृढ़ कर रहा है। प्रदेश सरकार जनसेवा के अपने संकल्प के साथ इसी प्रकार निरंतर कार्य करती रहेगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों और केंद्र को जेल स्थिति के ताजा आंकड़े प्रस्तुत करने...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जेल की स्थिति से संबंधित ताजा आंकड़े 18 मई तक प्रस्तुत करने...

भारत अपनी तकनीकी जरूरतों के साथ ग्लोबल साउथ की उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मांग भी...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विश्वास व्‍यक्‍त किया है कि भारत न केवल अपनी तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ग्‍लोबल...

15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन पहुंच चुके...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा है कि 15 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल के कनेक्शन...

देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं: पेट्रोलियम मंत्रालय

0
नई दिल्ली। सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश भर में आवश्यक ईंधन की कोई कमी नहीं है, तेल शोधन संयंत्र पूरी क्षमता से...

एफआरआई देहरादून के राष्ट्रीय वानिकी कार्यक्रम में उपग्रह-आधारित वन निगरानी प्रणालियों को शामिल करने...

0
देहरादून। “सतत वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देनेः मुद्दे और चुनौतियाँ“ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आईसीएफआरई देहरादून में संपन्न हुई। इसमें नीति-निर्माता, वैज्ञानिक, उद्योग प्रतिनिधि...