23.3 C
Dehradun
Thursday, July 9, 2026


spot_img

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई को हरी झंडी, 22 सितंबर को अगली सुनवाई

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी प्रकरण जिला न्यायालय की ओर से फैसला आ गया है और ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी केस की सुनवाई को हरी झंडी मिल गई है। दरअसल, पांच महिलाओं की ओर से दाखिल वाद पर सोमवार को जिला जज डाॅ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने वादी पक्ष की अपील स्वीकार करके प्रतिवादी पक्ष की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामला सुनने योग्य है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

खास बात यह रही कि न्यायालय में फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं रहा। अदालत का फैसला आते ही वादी पक्ष की महिलाओं के साथ अधिवक्ताओं ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे हिन्दू पक्ष की जीत माना है। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बताया कि न्यायालय से एएसआई सर्वे और शिवलिंग की कार्बन डेटिंग की मांग भी करेंगे।

सुनवाई के वक्त क्या हुआ

इसके पहले आज दोपहर एक बजे दोनों पक्षों के अधिवक्ता और वादी कुल 62 लोगों को अंदर मौजूद रहने की अनुमति मिली थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने वाद को जनहित याचिका जैसा व प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट ज्ञानवापी को वक्फ संपत्ति समेत अन्य दलीलों के साथ मुकदमे को सुनने योग्य नहीं बताया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश्व की अदालत में आर्डर 7 रूल नंबर 11 के तहत आज वाद के पोषणीयता पर सुनवाई हुई।

क्या है मामला

पिछले वर्ष सिविल जज सीनियर डिविजन की कोर्ट में शृंगार गौरी के दर्शन-पूजन की मांग को लेकर वादी राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने वाद दाखिल किया था। प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी ने प्रार्थनापत्र देकर वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाया था। अदालत ने प्रतिवादी की अर्जी दरकिनार करते हुए सुनवाई की और ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराकर रिपोर्ट तलब कर ली। इसी दौरान प्रतिवादी पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जिला जज की अदालत में 26 मई से सुनवाई शुरू हुई।

प्रतिवादी की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 07 नियम 11 में मेरिट के तहत केस खारिज करके लिए कई तिथियों पर दलीलें दी गईं। इस मामले में वाराणसी कोर्ट में 24 अगस्त को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी। जिला जज डॉ. एके विश्वेश ने 12 सितंबर तक फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान वादी पक्ष की ओर से लिखित बहस भी दाखिल की गई और मुस्लिम पक्ष ने कई विवरण व पत्रावली कोर्ट में दिया। खास बात यह है कि पूर्व में हाईकोर्ट से मुस्लिम पक्ष की ओर से केस की मेरिट की याचिका खारिज हो चुकी है।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचे

0
नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुंचे। हवाई अड्डे पर ऑस्ट्रेलिया की मंत्री...

विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का स्थान बरकरार

0
नई दिल्ली।  अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष- आई.एम.एफ के चालू वर्ष में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर के अनुमान के साथ भारत, विश्व की सबसे तेजी...

इसरो ने गगनयान मिशन के लिए मुख्य पैराशूट का सफल परीक्षण किया

0
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने मध्य प्रदेश के श्योपुर में गगनयान मिशन के लिए एकीकृत मुख्य पैराशूट एयरड्रॉप परीक्षण-आईएमएटी सफलतापूर्वक पूरा...

बदरीनाथ मंदिर चंदा चोरी में बोले सीएम धामी, गौ हत्या व मां बाप हत्या...

0
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी होने के मामले में बड़ा बयान दिया है। हरिद्वार में एक धार्मिक कार्यक्रम...

बदरीनाथ धाम चढ़ावे की धनराशि हेराफेरी मामले में बीकेटीसी कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

0
चमोली। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की धनराशि में हेराफेरी मामले में  बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल...