34.2 C
Dehradun
Thursday, May 28, 2026


spot_img

स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द बने ज्योर्तिमठ के 45वें शंकराचार्य

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के ब्रह्मलीन होने के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य पद पर उनके प्रतिनिधि शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ज्योतिर्मठ के 45 वें शंकराचार्य होंगे । आज मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थिति परमहंसी आश्रम में इसकी अधिकारिक रूप से सार्वजनिक घोषणा की गई ।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ब्रहमलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के प्रतिनिधि शिष्य के रूप में विगत कई वर्षों से ज्योतिर्मठ की सभी धार्मिक एवं अन्य गतिविधियों को देख रहे थे। विगत रविवार को शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ब्रह्मलीन हो गए थे। उसके बाद सोमवार को ब्रह्मलीन शंकराचार्य के निजी सचिव स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सार्वजनिक रूप से ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की विधिवत घोषणा की।

वर्ष 2006 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से दीक्षा ली थी और उसके बाद वह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के नाम से पहचाने जाने लगे ।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

नहीं खुलेगा होर्मुज: ईरान की डील वाले दावे को अमेरिका ने बताया फर्जी, कहा-...

0
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बात बनती दिख रही है। इसकी संभावना है कि जल्द ही दोनों देशों के...

सर्वोच्च न्यायालय ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% जीएसटी को संवैधानिक रूप से वैध...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर सरकार द्वारा पूर्वप्रभावी 28% जीएसटी को बरकरार रखते हुए इसे संवैधानिक रूप से वैध बताया...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन...

0
नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 2025-26 के लिए प्रमुख कृषि फसलों के उत्पादन का तीसरा अग्रिम...

सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के निर्वाचन आयोग के...

0
नई दिल्ली। सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने निर्वाचन आयोग द्वारा कराई गई मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण-एसआईआर प्रक्रिया की वैधता को बरकरार रखा है। सर्वोच्‍च...

शासन ने यात्रा मार्गों पर अश्ववंशीय पशुओं के संचालन के लिए जारी की नई...

0
देहरादून। राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने तथा यात्रा मार्गों पर अश्ववंशीय पशुओं के कल्याण एवं संरक्षण के...