21.3 C
Dehradun
Monday, September 14, 2026


spot_img

हरिद्वार: दिव्य सेवा प्रेम मिशन के कार्यक्रम में पहुंचे कोविंद, कहा सेवा के बीज का रोपण करने में मेरी छोटी सी भूमिका

हरिद्वार: राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द रविवार को हरिद्वार में दिव्य सेवा प्रेम मिशन के रजत जयंती के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान राष्‍ट्रपति ने कहा कि इस मिशन के साथ 25 साल की मेरी यादें ताजा हो रही हैं। कभी मैंने भी कल्पना नहीं की थी कि आशीष जी में सेवा की जो संकल्पना है, वह इस रूप में साकार होगी। उन्होंने कहा कि आशीष गौतम ने प्रयागराज से 25 साल पहले हरिद्वार आकर सेवा की नींव रखी, यह आसान काम नहीं था। उन्होंने सेवा की एक मिसाल कायम की है।

मुझे यहां आकर प्रसन्नता हो रही है, सेवा के बीज का रोपण करने में मेरी छोटी सी भूमिका रही है, वह आज वट वृक्ष बन चुका है। कहा कि राज्यसभा सांसद बनने के बाद मेरी पहली यात्रा हरिद्वार की हुई, राष्ट्रपति बना तो उत्तराखंड आने पर सबसे पहली यात्रा हरिद्वार में मिशन की इस भूमि पर हुई। उत्तराखंड की पावन भूमि की महिमा अनंत है। प्राचीन काल से लोग यहां धर्म और अध्यात्म के लिए आते रहे हैं। हरिद्वार भगवान विष्णु और शंकर दोनों की प्राप्ति का स्थान है। पतित पावनी गंगा इसकी साक्षी व मोक्षदायिनी भी है।

उन्होंने कहा कि आध्यत्म के मार्ग पर चलते हुए दिव्य प्रेम सेवा मिशन की स्थापना की गई। स्वतंत्रता के बाद हमारे संविधान ने अश्पृश्यता का अंत किया। लेकिन सदियों से चली आ रही कुष्ठ रोगियों के प्रति मानसिक अश्पृश्यता आज भी चली आ रही है। अज्ञानता आधुनिक युग में भी विद्यमान है। अनेक गलत फहमियां समाज में फैली हुई हैं। इनको खत्म करने के लिए दिव्य प्रेम सेवा मिशन के कार्य की मैं सराहना करता हूं। कुष्ठ रोगियों के साथ भी वैसा ही व्यहवार होना चाहिए, जैसा किसी भी सामान्य व्यक्ति के साथ होता है।

उन्होंने कहा कि संसद में दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम पारित किया गया है। 2016 के अधिनियम के तहत अन्य दिव्यांगजनों की तरह कुष्ठ रोगियों को इनकी श्रेणी में शामिल किया गया। 1932 में जेल यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने कुष्ठ रोग से पीड़ित अपने मित्र को संदेश भेजा था कि शरीर बीमार होता है, लेकिन आप शरीर नहीं, आत्मा हैं। जेल से आकर महात्मा गांधी ने स्वयं अपने कुष्ठ रोगी मित्र की सेवा की। महात्मा गांधी का जन्मदिन राष्ट्रीय कुष्ठ रोग दिवस के रूप में मनाया जाता है। कुष्ठ रोगियों का उपचार, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था और कौशल विकास केंद्र जैसे कार्य सराहनीय हैं। उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए मिशन के संस्थापक और उनके सभी सहयोगियों को मैं बधाई देता हूं।

कार्यक्रम में मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि वह सैनिक पुत्र हैं और सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। कहा कि मैं उत्तराखंड के 1.25 करोड़ वासियों की ओर से राष्ट्रपति व सभी अतिथियों का स्वागत करता हूं। सेवा के इस मिशन में हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति की नई दिल्ली में हुई पहली बैठक भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा...

0
नई दिल्ली।  भारत-कुवैत संयुक्त रक्षा समिति- जेडीसी की पहली बैठक आज नई दिल्ली में हुई। बैठक के दौरान, दोनों देशों ने प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास,...

नेपाल-तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 547; सीमा के दोनों तरफ...

0
नई दिल्ली। नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ से मृतकों की संख्या बढ़कर 547 हो गई है। 1,545 लोग अब भी लापता हैं। राहत...

भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा...

0
नई दिल्ली।  विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो...

लोक भवन में उल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया गया रक्षाबंधन पर्व

0
देहरादून:  रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आज लोक भवन में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि)...

मुख्यमंत्री धामी की बड़ी घोषणाः अब 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक...