नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग ने गुरुवार को सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार की अधिसूचना नियमों में किए गए बदलावों के कारण चर्चा में है।
यूपीएससी ने स्पष्ट किया है कि आइएएस या आइएफएस में कार्यरत कोई भी उम्मीदवार 2026 की परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा।
यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद आइएएस या आइएफएस में नियुक्त होता है, तो वह प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए पात्र नहीं होगा। यदि मुख्य परीक्षा शुरू होने के बाद लेकिन परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्ति होती है, तो किसी भी सेवा के लिए उसके नाम पर विचार नहीं किया जाएगा।
आइपीएस में पहले से चयनित उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के माध्यम से उसी सेवा में पुन: प्रवेश का पात्र नहीं होगा सिविल सेवा परीक्षा, 2026 में आइपीएस या केंद्रीय सेवा समूह ‘ए’ में चयनित उम्मीदवारों के पास संबंधित अधिकारी से प्रशिक्षण में शामिल होने से एक बार की छूट प्राप्त करने पर अगले साल की परीक्षा में बैठने का विकल्प होगा।
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की जाएगी। यूपीएससी ने परीक्षा केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों के लिए चेहरा प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है और कुछ सेवाओं में पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के लिए पात्रता संबंधी सख्त प्रतिबंध लागू किए हैं।
यूपीएससी ने 2026 के लिए 933 रिक्तियों की घोषणा की
इन परिवर्तनों की घोषणा सिविल सेवा परीक्षा, 2026 के लिए जारी अधिसूचना में की गई। आयोग ने इस वर्ष की भर्ती प्रक्रिया के लिए 933 रिक्तियों की घोषणा की है।
इनमें से 33 पद विशेष दिव्यांगता वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। यह प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी द्वारा प्रतिवर्ष तीन चरणों में आयोजित की जाती है-प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार। इसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा और भारतीय पुलिस सेवा आदि के अधिकारियों का चयन किया जाता है।
यूपीएससी ने कहा है कि सुरक्षित और सुचारु परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल पर अनिवार्य रूप से चेहरे की पहचान करानी होगी।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे चेहरे की पहचान/सत्यापन और तलाशी के लिए परीक्षा स्थल पर समय से पहले पहुंचें। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे पहचान और अन्य विवरणों के सहज और निर्बाध सत्यापन के लिए अपने आधार कार्ड का उपयोग पहचान पत्र के रूप में करें।
सिविल सेवा परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे IAS-IPS अधिकारी, यूपीएससी ने बदले नियम
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