27.8 C
Dehradun
Friday, March 27, 2026


spot_img

2038 तक अमेरिका को पछाड़ भारत बन सकता है दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था! IMF के अनुमान के आधार पर EY का दावा

नई दिल्ली: वैश्विक परामर्श कंपनी ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2038 तक खरीद शक्ति समानता (पीपीपी) के आधार पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। उस समय भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 34.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह आकलन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान पर आधारित है।
ईवाई ने कहा कि आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2030 तक 20.7 ट्रिलियन डॉलर (पीपीपी) की अर्थव्यवस्था तक पहुंच सकता है। तुलना में चीन 42.2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ आगे रहेगा, लेकिन उसकी उम्रदराज आबादी और बढ़ता कर्ज बड़ी चुनौती है। अमेरिका मजबूत बना रहेगा लेकिन 120% से अधिक के ऋण-जीडीपी अनुपात और धीमी वृद्धि दर से जूझेगा। जर्मनी और जापान भी अपने अधिक आयु वाले समाज और वैश्विक व्यापार पर निर्भरता के कारण सीमित रहेंगे।
भारत की बड़ी ताकत इसका युवा जनसंख्या प्रोफाइल है। 2025 में भारत की औसत आयु मात्र 28.8 वर्ष है। इसके साथ ही, भारत के पास दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची बचत दर है। सरकार का ऋण-जीडीपी अनुपात भी 2024 में 81.3% से घटकर 2030 में 75.8% पर आने का अनुमान है। इसके विपरीत, अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का ऋण लगातार बढ़ रहा है। भारत की इस लंबी अवधि की मजबूती सिर्फ जनसांख्यिकी पर आधारित नहीं है, बल्कि संरचनात्मक सुधारों और मजबूत बुनियादों पर भी टिकी है। जीएसटी, दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी), वित्तीय समावेशन (यूपीआई) और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा रही हैं। बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निवेश, एआई, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा जैसी तकनीकों का तेजी से अपनाना भारत को भविष्य के लिए मजबूत बना रहा है। ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार डी. के. श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की युवा और कुशल कार्यशक्ति, ऊंची बचत व निवेश दर और तुलनात्मक रूप से टिकाऊ ऋण प्रोफाइल, वैश्विक अस्थिरता के बीच भी तेज विकास बनाए रखेगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत अगर महत्वपूर्ण तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने और लचीलापन बढ़ाने पर ध्यान देता है तो 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा हो सकता है। ईवाई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2028 तक बाजार विनिमय दर (एमईआर) के आधार पर जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ का असर भारत की जीडीपी के 0.9% तक हो सकता है, लेकिन उचित कदम उठाने पर इसकी चोट विकास दर पर सिर्फ 0.1 प्रतिशत अंक तक सीमित रहेगी। इसके लिए भारत को निर्यात में विविधता, घरेलू मांग को मजबूत करने और नए व्यापार साझेदारी बढ़ाने जैसे कदम उठाने होंगे।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

सड़क डिजाइन और सुरक्षा में सुधार के लिए 40,000 करोड़ रुपये से अधिक व्‍यय:...

0
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज कहा कि सरकार ने देश भर में दुर्घटना की आशंका वाले स्‍थलों...

रेलवे पटरियों पर दुर्घटनाएं रोकने को देशभर में अंडरपास बनाए जाएंगे: रेल मंत्री अश्विनी...

0
नई दिल्ली। रेलवे पटरियों को पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे देशभर में सुविधाजनक भूमिगत मार्ग बनाएगा। रेल मंत्री...

आयात निर्भरता घटाने को भारत ने महत्वपूर्ण खनिज खोज पर जोर बढ़ाया: केंद्रीय मंत्री...

0
नई दिल्ली: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को बढ़ावा दे रहा है,...

सभी तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित, कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार: केन्द्र सरकार

0
नई दिल्ली। सरकार ने कहा है कि देश की सभी तेल रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त...

एसटीएफ की कार्यवाही–निवेश के नाम पर साइबर धोखाधड़ी का किया खुलासा

0
देहरादून: पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के दिशा निर्देशन व निलेश आनन्द भरणे पुलिस महानिरीक्षक साईबर / एसटीएफ उत्तराखण्ड के निकट पर्य़वेक्षण में साईबर धोखाधड़ी...