33.8 C
Dehradun
Sunday, April 19, 2026


spot_img

झांसी अग्निकांड : हादसे में मुआवजे का एलान, मृतकों के परिजन को पांच-पांच लाख तो घायलों को ₹50000 की आर्थिक मदद

लखनऊ: झांसी मेडिकल कॉलेज हादसे में शिकार नवजातों के परिजनों को शासन द्वारा पांच-पांच लाख रुपयों की सहायता की घोषणा की गई है। घायलों के परिजनों को पचास-पचास हजार की सहायाता मिलेगी। सीएम ने कहा कि यह सहायता राशि जल्द से जल्द मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में हुई दुर्घटना पर गहरा दुःख जताया है। शुक्रवार देर रात घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने रातों-रात उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को मौके पर भेजा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर घटना में असमय काल कवलित नवजात बच्चों के माता-पिता को 05-05 लाख रुपये तथा घायलों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने झांसी के मंडलायुक्त और डीआईजी को 12 घंटे में घटना के संबंध में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की झुलसने एवं दम घुटने से मौत हो गई। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने बताया कि जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 55 नवजात भर्ती थे। 45 नवजात को सुरक्षित निकाल लिया गया। उनका इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही करीब 15 दमकलें मौके पर पहुंच गईं। सेना को भी बुला लिया। सेना एवं दमकल ने मिलकर आग बुझाई। बच्चों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है, वे जल्द ठीक हो जाएंगे। आज सुबह डिप्टी सीएम बृजेश पाठक मेडिकल कॉलेज पहुंच गये हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) झांसी सुधा सिंह ने कहा कि इस घटना में घायल हुए अन्य 16 बच्चों का इलाज चल रहा है। घटना के वक्त एनआईसीयू में 50 से ज्यादा बच्चे भर्ती थे। झांसी पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक संक्षिप्त बयान में कहा कि एक फायर ब्रिगेड को घटनास्थल पर भेजा गया जबकि जिले के वरिष्ठ अधिकारी भी मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
निकटवर्ती महोबा जिले के रहने वाले एक दंपती को अपने नवजात बच्चे की मृत्यु से सदमा लगा है। मां ने पत्रकारों को बताया कि बच्चे का जन्म 13 नवंबर को सुबह 8 बजे हुआ था। गमगीन मां ने कहा मेरा बच्चा आग में जान गंवा चुका है। मेडिकल कॉलेज के कथित दृश्यों में घबराए हुए मरीजों और उनके तीमारदारों को बाहर निकलते हुए दिखाया गया है जबकि कई पुलिसकर्मियों ने बचाव और राहत उपायों में सहायता की। लखनऊ से जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया और जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

पीएम नरेंद्र मोदी का चार दलों पर निशाना

0
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश की माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, 'नारी शक्ति वंदन...

एआई गवर्नेंस के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, नीति और नियामक निर्णयों को मिलेगा समर्थन

0
नई दिल्ली। सरकार ने हाल ही में गठित एआई गवर्नेंस एंड इकोनॉमिक ग्रुप-एआईजीईजी के कामकाज में सहयोग देने के लिए एक प्रौद्योगिकी और नीति...

सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में...

0
नई दिल्ली।  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज भारत समुद्री बीमा पूल के गठन को मंजूरी दे दी। इस घरेलू बीमा पूल के लिए 12 हजार...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा...

0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  कहा कि राष्ट्रहित सरकार के लिए सर्वोपरि है। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार...

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणः प्री ऑथराइजेशन में उत्तराखंड देशभर में टॉप

0
देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंडः नेशनल हेल्थ ऑथोरिटी से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर आई है। देशभर के सभी राज्यों में...