नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम मोदी और ट्रंप के बीच पहली बार बातचीत हुई है। इस बातचीत को लेकर पीएम मोदी सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट भी किया है, जिसमें उन्होंने लिखा- अपने प्रिय मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके बहुत खुशी हुई। उन्हें उनके ऐतिहासिक दूसरे कार्यकाल के लिए बधाई दी। हम पारस्परिक रूप से लाभकारी और भरोसेमंद साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपने लोगों के कल्याण और वैश्विक शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्वॉड, तमाम वैश्विक मुद्दों समेत कई अन्य मसलों पर चर्चा की है। वहीं पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा और अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर भी बधाई दी थी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था- प्रिय मित्र डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण पर बधाई। मैं एक बार फिर हमारे दोनों देशों के लाभ के लिए और दुनिया के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हूं। आपके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं। बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर शामिल हुए थे।
व्यापार के क्षेत्र में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा साझेदार है और खास बात यह है कि चीन के उलट भारत-अमेरिका व्यापार संतुलन, भारत के पक्ष में झुका हुआ है। 2023-24 में दोनों देशों के बीच करीब 118 अरब डॉलर का कारोबार हुआ जिसमें भारत ने अमेरिका के मुकाबले 36 अरब डॉलर का निर्यात अधिक किया। अमेरिका ने भारत को करीब 41 अरब डॉलर का निर्यात किया जबकि भारत ने अमेरिका को करीब 77 अरब डॉलर का।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण के बाद कई अहम फैसले किए थे। इसमें प्रमुख आदेश- जन्म से नागरिकता का अधिकार खत्म करने का आदेश था। आव्रजन नीति के बाद जन्म से नागरिकता का अधिकार वाले ट्रंप के आदेश से तमाम प्रवासियों को बड़ा झटका लगा था। इसके तहत अब अवैध शरणार्थियों के बच्चों को अमेरिका में जन्म होने के बावजूद अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल पाएगी। बच्चों के माता-पिता में कम से कम एक का अमेरिकी नागरिक होना जरूरी है। इससे पहले अमेरिकी धरती पर जन्मे किसी भी बच्चे के पास जन्म के साथ ही अमेरिकी नागरिकता का अधिकार होता था। यह अधिकार अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन कानून के तहत दिया जाता है।
राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार डोनाल्ड ट्रंप से पीएम मोदी ने फोन पर की बात, विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
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