नई दिल्ली: साल 2025 के बाद विकासशील देशों के जलवायु कार्यों का समर्थन करने के लिए एक नए वित्तीय लक्ष्य पर असहमति हल करने के लिए सही राजनीतिक दिशा की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन के प्रमुख मुख्तार बाबायेव ने बुधवार को यह बात कही।
अजरबैजान के बाकू में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के केंद्र में जलवायु वित्त होगा। जहां दुनिया नए सामूहिक मात्रात्मक लक्ष्य (एनसीक्यू) पर सहमत होने की समय सीमा तक पहुंच जाएगी। विकासशील देशों में जलवायु कार्रवाई का समर्थन करने के लिए विकसित देशों को 2025 से हर साल नई राशि जुटानी होगी। लेकिन जर्मनी के बॉन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता को देखते हुए इस पर आम सहमति हासिल करना आसान नहीं होगा।
कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (COP29) के मनोनीत अध्यक्ष बाबायेव ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) पर हस्ताक्षर करने वाले करीब 200 देशों को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि कुछ प्रमुख मुद्दों पर असहमति है, जिसके लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत होगी और हमें इन बिंदुओं पर उच्च स्तरीय चर्चा पर फोकस करना चाहिए।
बाबायेव ने कहा कि जलवायु वित्त, वार्ता और जलवायु कूटनीति में सबसे चुनौतीपूर्ण विषयों में से एक रहा है और राजनीतिक रूप से जटिल मुद्दों को अकेले वार्ताकार हल नहीं कर सकते हैं। साल 2009 में कोपेनहेगन में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में अमीर देशों ने साल 2020 से विकासशील देशों को सालाना 100 अरब डॉलर की मदद देने का वादा किया था, ताकि जलवायु प्रभावों को कम किया जा सके। लेकिन, इस लक्ष्य को हासिल करने में देरी ने विकसित और विकासशील देशों के बीच भरोसे को खत्म कर दिया है। यह वार्षिक जलवायु वार्ता के दौरान विवाद की एक वजह रही है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए एनसीक्यूजी पर एक निष्पक्ष समझौता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जलवायु वित्त लक्ष्य पर विवादों को सुलझाने के लिए राजनीतिक दिशा की जरूरत
Latest Articles
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से संचालित, कच्चे तेल व एलपीजी का पर्याप्त भंडार : सरकार
नई दिल्ली। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।...
भारत और भूटान ने डाक सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
नई दिल्ली। भारत और भूटान ने डाक सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारतीय डाक और भूटान डाक के बीच...
हिमाचल में भारी बारिश-बर्फबारी, हिमखंड गिरा; तीन नेशनल हाईवे समेत 100 सड़कें बंद
शिमला/धर्मशाला। प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच शुक्रवार को भी ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले में झमाझम बारिश हुई है। अटल टनल रोहतांग...
भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पूरे क्षेत्र में पहली बार लाभ अर्जित किया:...
नई दिल्ली। केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि भारत की विद्युत वितरण कंपनियों ने पहली बार पूरे क्षेत्र में लाभ...
SIR में आईटी वॉलिटिसर्य करेंगे BLO की मदद, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने ली राज्य...
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने शुक्रवार को...
















