नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष को इस दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक बताते हुए राष्ट्रीय संसाधनों पर बोझ कम करने के लिए नागरिकों से एकजुट होने का आह्वान किया। वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है कि इस स्थिति का देशवासियों पर कम से कम प्रभाव पड़े। श्री मोदी ने देशवासियों से विदेशों से आयातित उत्पादों का उपयोग कम करने और विदेशी मुद्रा के व्यय से जुड़े व्यक्तिगत कार्यों से बचने का आग्रह किया। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशकों में भी, जब देश पर युद्ध या किसी अन्य बड़ा संकट आया है, प्रत्येक नागरिक ने अपनी जिम्मेदारियों को समान रूप से निभाया है। श्री मोदी ने कहा कि यदि कोविड महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट है, तो पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न स्थिति इस दशक के प्रमुख संकटों में से एक है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हमने साथ मिलकर कोविड पर विजय प्राप्त की उसी प्रकार हम इस संकट पर भी विजय प्राप्त कर लेंगे।
वडोदरा स्थित सरदारधाम छात्रावास में एक हजार छात्रों और एक हजार छात्राओं के लिए छात्रावास की सुविधा के साथ-साथ केंद्रीय भोजन कक्ष, पुस्तकालय और सभागार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। श्री मोदी ने सरदारधाम परिसर में स्वागत क्षेत्र, नागरिक सुविधाएं, भोजन क्षेत्र और ई-पुस्तकालय सहित विभिन्न सुविधाओं का भी दौरा किया।
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशी वस्तुओं के बजाय स्थानीय उत्पादों को अपनाने, पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम करने तथा मेट्रो, इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने लोगों से स्थिति सामान्य होने तक सोना नहीं खरीदने का भी आग्रह किया। श्री मोदी ने कार्यालयों में वर्चुअल बैठकों और वर्क फ्राम होम की प्राथमिकता पर बल दिया। उन्होंने विद्यालयों को ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की सलाह भी दी।
उद्घाटन समारोह में पाटीदार समुदाय के नेताओं ने श्री मोदी को सरदार रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। इससे पहले, श्री मोदी ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने स्वागत कक्ष, भोजन कक्ष और ई-पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया।

















