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Friday, March 27, 2026


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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ममता सरकार पर बोला जोरदार हमला

कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ममता सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में चल रहे महा जंगलराज का जल्द खात्मा होगा। बांग्लादेश की सीमा से सटे नदिया जिले के ताहेरपर (राणाघाट) में भाजपा की परिवर्तन संकल्प जनसभा को कोलकाता एयरपोर्ट से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि जिस प्रकार बिहार की जनता ने विकास के लिए जंगलराज को एक स्वर से नकार दिया है, उसी प्रकार अब बंगाल की बारी है।
पीएम ने कहा कि आज देश तेजी से विकास चाहता है। बिहार ने 20 साल बाद भी भाजपा-एनडीए को भारी जनादेश व पहले से ज़्यादा सीटें दी हैं। बिहार चुनाव परिणामों ने बंगाल में भाजपा की जीत के द्वार खोल दिए हैं। गंगाजी बिहार से बहते हुए बंगाल पहुंचती है। अब हमें बंगाल को महा जंगलराज से मुक्ति दिलानी है।
टीएमसी चाहे जितना विरोध करे, लेकिन बंगाल के विकास को नहीं रोक सकती। मोदी ने कहा कि बंगाल का आज बच्चा-बच्चा, हर गांव, शहर, गली व मोहल्ला कह रहा है कि च्बांचते चाई, बीजेपी ताईच् (बचना है तो भाजपा चाहिए)। मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि बंगाल के विकास के लिए पैसों की कमी है, लेकिन यहां की सरकार सिर्फ कट और कमीशन में लगी रहती है। इस जनसभा के जरिए पीएम ने बंगाल में भाजपा के चुनावी अभियान का शंखनाद करते हुए राज्य की जनता से हाथ जोड़कर डबल इंजन की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए भाजपा को एक मौका देने की अपील की। कहा कि फिर देखिए कितनी तेजी से यहां विकास होता है।
घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जताते हुए मोदी ने कहा कि टीएमसी सरकार उन घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं जो बंगाल पर कब्ज़ा करने पर तुले हुए हैं। घुसपैठियों को खुला संरक्षण हासिल है। उन्होंने कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को बचाने के लिए बंगाल में एसआइआर का विरोध कर रही है। लोगों को टीएमसी की साजिशों से सावधान रहने की जरूरत है।
पीएम ने कहा कि मैंने इंटरनेट मीडिया पर देखा कि कुछ लोगों ने गो बैक मोदी के बोर्ड लगा रखे हैं। इससे बेहतर होता कि बंगाल की हर गली और खंभे पर गो बैक घुसपैठिए लिख दिया जाता।
नदिया में मतुआ समुदाय के गढ़ में इस रैली के दौरान पीएम ने कहा कि भाजपा ही बंगाल के लोगों की एकमात्र आशा और विश्वास है। हम हर शरणार्थी और हर नागरिक को सम्मान और सुरक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। एसआइआर को लेकर जो भ्रम फैलाया जा रहा, जनता उसे समझ चुकी है।
घने कोहरे व खराब विजिबिलिटी के कारण पीएम का हेलीकाप्टर ताहेरपुर में लैंड नहीं कर सका। पायलट ने सुरक्षा कारणों से हेलीकाप्टर को वापस कोलकाता एयरपोर्ट लाया। जहां से पीएम ने जनसभा को संबोधित किया। संबोधन की शुरुआत में ही पीएम ने ताहेरपुर न पहुंच पाने के लिए लोगों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मौसम ने कठिनाइयां पैदा कीं, लेकिन मैं फिर आऊंगा।
जनसभा से पहले पीएम ने वर्चुअल माध्यम से 3,200 करोड़ रुपये की दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास भी किया। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग-12 के 66.7 किलोमीटर लंबे सेक्शन का उद्घाटन और 17.6 किलोमीटर लंबे सेक्शन के फोर-लेन कार्य का शिलान्यास शामिल है। पीएम ने कहा कि ये सड़कें सिर्फ कंक्रीट का रास्ता नहीं हैं, बल्कि बंगाल के आर्थिक विकास के नए द्वार खुला है।
पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार बंगाल के लिए हजारों करोड़ रुपये भेजती है, लेकिन यहां की सत्ता में बैठे लोग विकास में रोड़ा अटकाते हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में हजारों करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाएं अटकी हुई है।
मोदी ने कहा कि टीएमसी भाजपा का विरोध करना चाहती है करे। उन्हें हमारा जमकर, बार-बार, पूरी ताकत से विरोध करने दीजिए। मुझे समझ नहीं आता कि बंगाल के विकास में रुकावट क्यों डाली जा रही है। आप मोदी का विरोध कर सकते हैं, लेकिन बंगाल के लोगों को दुखी मत कीजिए। उन्हें उनके अधिकारों से वंचित मत कीजिए। उनके सपनों को तोड़ने का पाप मत कीजिए।
उन्होंने कहा कि टीएमसी के कुशासन और च्लूट-तंत्रच् ने बंगाल के गरीब और मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। भ्रष्टाचार की वजह से युवाओं के हक को छीना जा रहा है।
पीएम ने अपने भाषण में बंगाली अस्मिता को भी छूने की कोशिश की। वंदे मातरम का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे राष्ट्र निर्माण का मंत्र बनाना है। उन्होंने कहा कि पूरा देश वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।
इस धरती ने देश को बंकिम बाबू (बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय) जैसा ऋषि दिया, जिन्होंने वंदे मातरम की रचना की। वंदे मातरम गुलामी से मुक्ति का मंत्र बना था। बांग्ला भाषा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसने भारत के इतिहास व संस्कृति को लगातार समृद्ध किया है।
2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस साल बंगाल में पीएम का यह पांचवां दौरा और एसआइआर का मसौदा सूची जारी होने के बाद पहला दौरा है।
29 मई को पीएम ने उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार में, 18 जुलाई को दुर्गापुर में और 22 अगस्त को कोलकाता के दमदम में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ जनसभा का संबोधित किया था। 14-15 सितंबर को पीएम कोलकाता में सशस्त्र बलों के सम्मेलन में शामिल होने कोलकाता आए थे।

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