14.6 C
Dehradun
Saturday, February 7, 2026


spot_img

टेलीमेडिसिन लोगों के जीवन को बचाने के लिए एक अति महत्वपूर्ण योजना: मुख्य सचिव

देहरादून: मुख्य सचिव डॉ एस.एस.संधु की अध्यक्षता में उनके सचिवालय सभागार में उत्तराखण्ड में टेलीमेडिसिन सेवाओं के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए टेलीमेडिसिन लोगों के जीवन को बचाने के लिए एक अति महत्वपूर्ण योजना है। क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में आपात स्थिति में पेशेन्ट्स का बेहतर सुविधाओं युक्त अस्पताल तक शीघ्रता से पहुंचना संभव नहीं हो पाता और जब तक मरीज अस्पताल तक पहुंचता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इसी महत्व को देखते हुए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और सभी जनपदों के जिला प्रशासन को टेलीमेडिसिन को और बेहतर बनाने, लोगों तक सुगम कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और इसके लिए किये जाने वाले सभी प्रकार के अवसंरचनात्मक प्रयासों को अमल में लाने के निर्देश दिये।

उन्होंने सचिव स्वास्थ्य को निर्देशित किया कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को और कारगर बनाने के लिए इसके लिए एक डेडिकेटेड टीम की तैनाती की जाए जो केवल इसी कार्य को देखे। परामर्श चाहने वाले लोगों के लिए कनेक्टिविटी आसान बनाने के लिए कम से कम दो-तीन आई0टी0 एक्सपर्ट की नियुक्ति करें, साथ ही सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी अपने-अपने जनपदों में टेलीमेडिसिन हब इत्यादि में पेयजल, विद्युत, कनेक्टिविटी इत्यादि की अवसंरचनात्मक व्यवस्थाओं को बेहतर बनायें। इसके लिए चिकित्सकों तथा आई.टी. एक्सपर्ट की फीडबैक लेते हुए प्रभावी प्लान बनायें तथा टेलीमेडिसिन के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करें तथा चिकित्सा सुविधाओं का किसी भी प्रकार का दुरूपयोग रोकने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम डेवलप करें।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश में टेलीमेडिसिन को अग्रणी बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर जो भी अच्छी तकनीक-अनुभव हो उस सबको इम्प्लिमेंट करें क्योंकि टेलीमेडिसिन सेवा उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय क्षेत्र के लिए वरदान साबित हो सकती है।

उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को निर्देश दिये कि वे सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दें कि टेलीमेडिसिन सेवाओं के अंतर्गत चिकित्सक अनिवार्य रूप से और शत्-प्रतिशत जेनेरिक दवाएं ही लिखेंगे। किसी भी प्रकार से इसका उल्लंघन ना होने पाए, इसके लिए सख्त मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही चिकित्सालयों में दवाएं, चिकित्सा उपकरण इत्यादि की किसी भी प्रकार की कमी ना होने पाये। इसके लिए दवा, चिकित्सा उपकरण इत्यादि के टेण्डर समय पर संपादित किये जायें और इसमें किसी भी प्रकार की देरी क्षम्य नहीं होगी।

उन्होंने तैनात होने वाले छोटे से बड़े सभी स्टॉफ को बेहतर प्रशिक्षण प्रदान करने और लोगों को बेहतर तरीके से डील करने के हुनर से अवगत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि हम प्रदेश में टेलीमेडिसीन को प्रभावी बना पाये तो यह पलायन रोकने में भी मददगार रहेगी।

spot_img

Related Articles

Latest Articles

गृह मंत्री शाह ने किया 242 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास, अग्रिम चौकी...

0
कठुआ: गृह मंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। कल उन्होंने बोबिया परिसर में पौधरोपण किया। इसके साथ ही सीमा प्रहरियों के...

पश्चिम बंगाल एसआईआर में बड़ा अपडेट, कट सकते हैं चार लाख मतदाताओं के नाम;...

0
कोलकाता: दिसंबर में प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद 58,20,899 मतदाताओं के नाम मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट पाए जाने के कारण हटाए गए...

अमेरिका की खूंखार अपराधियों की सूची में 89 भारतीय शामिल, DHS ने आपराधिक प्रवासियों...

0
वॉशिंगटन: अमेरिका ने अवैध प्रवास और अपराध के खिलाफ अपनी सख्त नीति को और तेज करते हुए 89 भारतीय नागरिकों को ‘Worst of the...

धर्म कभी कमजोर नहीं होता है, उसे जानबूझकर कमजोर किया जाता:  योगी आदित्यनाथ

0
हरिद्वार। योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को हरिद्वार दौरे पर रहे। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के समाधि स्थल पर विग्रह मूर्ति स्थापना...

आवास और शहरी विकास विभाग में सुधार पर केंद्र से 264 करोड़ की प्रोत्साहन...

0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शहरी विकास और आवास विभाग के स्तर से लागू किए गए विभिन्न सुधारों के लिए केंद्र...